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Vyas Hospital Kothi Chowk – Chandpur – Bilaspur Himachal Pradesh

Vyas Hospital Kothi Chowk – Chandpur – Bilaspur Himachal Pradesh alloverindia.in

VYAS HOSPITAL

Address: Kothi Chowk, P.O.  Chandpur, Bilaspur (H.P.)

Ph.  : 01978-243117, MOB. : 94180-17117

Dr. Sonal Sharma, B. D. S., H. D. C.,   Sundernagar, Dr. Vishal Dublish, DNB (Paeds), DCH, BJWHC, Mumbai, Dr. Ajay Sharma, MD, ObG, IGMC shimla, Dr. Kapil Sharma, MBBS, DA, Anaesthesiologist, IGMC shimla,  Sarika thakur, Msc, Mphil, microbiologist, CRI, kasauli.

PATIENT INFORMATION BROCHURE (आपकी  जानकारी हेतु)  सफाई

SUCTION AND EVACUATION (सफाई)

सफाई करने के लिये  विशेष  उपकरण  (प्लास्टिक  कैनुला या मेटल  क्यूरेट) का इस्तेमाल  होता है। सफाई करने के लिए दो तरीके होते हैं-पूरा बेहोश (General Anaesthesia)  या बच्चादानी  को सुन्न (Paracervical block) करके। आप  अपने आप कोई सा तरीका चुन  सकते  हैं।

पूरा बेहोश करके :- इसके लिये आप को भूखे  पेट आने  की ज़रुरत  होती है। बेहोश  करने डॉक्टर  ड्रिप  लगा कर आप को बेहोश करते हैं। इस तरीके से आप को सफाई का कोई भी अहसास नहीं  होता हैं। सफाई के बाद 4 -5  घण्टे  तक आपको अस्पताल में रुकने की जरूरत  होती है। इस दिन आपको घर जाकर भी आराम की जरूरत होती है। अगले दिन से आप अपना सामान्य काम – काज शुरु  कर सकते हैं।

बच्चादानी को सुन्न करके ;-  इस में आप को भूखे पेट आने की जरूरत नहीं  होती है। सफाई के दौरान आपको हल्की  बेआरामी  को सकती है। पहली  प्रेगनैंसी  में यह बेआरामी  ज्यादा होती है। सफाई  के बाद 2 -3 घण्टे  तक आपको आपको अस्पताल में रुकने की जरूरत  होती  है। इस दिन आपको घर जाकर भी आराम की जरूरत होती है। अगले दिन से आप अपना सामान्य काम – काज शुरु  कर सकते हैं।

सफाई के खतरे व  जटिलताएँ :

सफाई  के दौरान 

1 . बेहोशी की दवाई  व  सुन्न करने से रिएक्शन  होने की सम्भावना।

2 .  सफाई के दौरान बच्चादानी  में छेद  की संभावना ऐसा होने पर कभी कभार  पेट खोलकर बड़ा  आप्रेशन  करने की जरूरत  भी पड़  सकती  है।

सफाई  के बाद

1. अधूरी सफाई (सम्भावना  100 में एक) – ऐसे हालात  पता चलने पर फिर से सफाई की जरूरत  हो सकती  हैं

2. बच्चादानी का इनफेक्शन (संभावना 200  में एक) – ऐसी हालत  में दवाई  की जरूरत  5 -7  दिन तक हो सकती है, ज्यादा सीरीयस  इनफेक्शन  होने पर कुछ दिन दाखिल होने की जरूरत  भी हो सकती है।

3. हल्की ब्लीडिंग कुछ दिनों से लेकर महीने  भर तक हो सकती है।

4. माहवारी में अनियमितता (संभावना 100 में 3 -4)-माहवारी लेट /जल्दी / कम या ज्यादा हो सकती है, जो अपने आप से 6 -8 महीनों में ठीक हो जाती है।

5. माहवारी के समय तेज पेट दर्द लेकिन कम ब्लीडिंग न होना -(संभावना 1000 में 6) ऐसी जटिलता में औज़ार  से बच्चादानी  का मुँह  खोलने  के लिये  एक छोटे  प्रोसीजर की जरूरत  हो सकती है।

6. माहवारी का बिल्कुल बन्द हो जाना : ऐसी जटिलता बहुत ही कम लोगों  में देखने को मिलती है, इस समस्या का इलाज  कुछ हद  तक ही सम्भव हो पाता  है। इस अवस्था में आगे प्रेगनैंसी  होने की संभावना भी बहुत कम होती है।

7. अगली प्रेगनैंसी में डिलिवरी के बाद प्लासेंटा निकालने  में ज्यादा ब्लीडिंग  होने की संभावना हल्की सी ज्यादा हो जाती है। डिलीवरी  के बाद प्लासेंटा  के बच्चादानी से चिपके रहने की संभावना भी मामूली सी ज्यादा हो सकती है।

सफाई के बाद ध्यान रखें हल्की।

1.ब्लीडिंग कुछ दिनोंसे ले कर महीने भरतक हो सकती है। इस प्रकार की ब्लीडिंग  की लिए इलाज  के लिए इलाज की जरूरत   नहीं  होती।

2.दिखायें अगर  :- निचले पेट में तेज दर्द हो, बुखार  आये, तेज़  ब्लीडिंग  हो, बदबू वाला पानी चले।

3.अगले दिन से आप अपनी दिनचर्या पहले की तरह शुरू  कर सकते हैं।

4.खान – पान  में किसी भी परहेज की जरूरत नहीं  होती, कुछ लोगों को दवाई  की वजह  से 3 -4 दिन तक उल्टी  का मन हो सकता है, घबरायें नहीं।

5.हल्की पेट दर्द के लिये  आप पेन किलर  ले सकते  हैं।

6.दो हपते  बाद की आप को तारीख दी जाती है। इस दिन आप का प्रेगनेंसी  टेस्ट  किया जाता है, ताकि  पक्का किया जा सके कि सफाई  पूरी हो चुकी  है।

कोई भी समस्या महसूस होने पर आप अस्पताल के हेल्पलाईन फोन  पर बात  करके जरूरी जानकारी ले सकते हैं|

नलबंदी ऑपरेशन  (Tubectomy Operation)

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हर महीने अण्डदानी  से एक अण्डा  निकलता है। निकलते ही यह अण्डा फैलोपियन  ट्यूब  में प्रवेश  कर लेता है। इसी समय सम्भोग  से  योनि  में एकत्रित  हुए  शुक्राणु  बच्चादानी से होते हुए ट्यूब  में प्रवेश  करते हैं।  ट्यूब  में अण्डे  व  शुक्राणु  के मिलन से गर्भ  ठहरता  है।

नलबंदी (TUBCETOMY) ऑपरेशन  में ट्यूब के मध्य भाग से 2 -3 से. मी. ट्यूब  को काट दिया जाता है, जिससे अण्डा व  शुक्राणु  नहीं  मिल पाते  व  प्रेग्नेंसी नहीं  हो पाती।

बच्चे बंद करवाने का आप्रेशन  कुछ लोगों  में असफल हो सकती  है। जिससे फिर  से प्रेगनेंसी हो सकती है।  इसलिए  माहवारी  न आए  या लेट होकर  आए तो तुरंत   प्रेग्नेंसी टैस्ट  करवाने  की आवश्यकता  होती है।  नलबंदी  आप्रेशन प्रेगनेंसी  की रोकथाम  का स्थायी  तरीका है। इसलिए इस आपरेशन  का फैसला  तभी किया जाना चाहिए  अगर आप आगे कभी  प्रेगनेंसी न चाहते हों।  बच्चे बंद करवाने का आपरेशन खुल भी सकता है। लेकिन खुलवाने के लिए भी पेट से बड़े ऑपरेशन  की जरूरत पड़ती है।  ऑपरेशन खुलने के बाद 100  में से केवल 25 -30 लोगो  में ही फिर से प्रेगनेंसी  हो पाती  है। अगर आपके के मन में जरा भी इच्छा हो कि आप  फिर से प्रेगनेंसी  चाह  सकते है, तो बच्चे बंद करवाने के ऑपरेशन की बजाय  अस्थायी  तरीकों  जैसे  कापर -टी, माला एन  इत्यादि  का सहारा लिया जाना चहिए। इन तरीकों  के बारे  में आप डॉक्टर से विस्तार से पूर्ण  जानकारी  के सकते हैं।

बच्चे बंद करवाने के आप्रेशन  के बाद अगर कभी प्रेगनेंसी  हो जाए तो लगभग  15 प्रतिशत  संभावना  एक्टोपिक  प्रेगनेंसी  होने की होती है प्रेगनेंसी  में बच्चा फैलोपियन  ट्यूब में टिक जाता है और 5 -10  दिन ऊपर  होते ही ट्यूब फट जाने के कारण, बड़े आप्रेशन से ट्यूब निकालने  की जरूरत  होती है।

इस विषय में व  प्रेगनेंसी की रोकथाम  विकल्पों  के बारे में स्त्री  रोग  विशेषज्ञ  से  बधिक जानकारी प्राप्त  की जा सकती है।

बच्चदानी के मुंह  के कैंसर  से बचाव

बच्चादानी के मुंह  के कैंसर  से बचाव सम्भव है  -पैप  स्मीयर  जाँच  के द्वारा

पैप  स्मीयर  जाँच क्या है?

बच्चादानी के मुँह  पर कुछ ऐसे परिवर्तन जिन्हें  कहते हैं -कई  सालों  के बाद  कैंसर  में परिवर्तित  हो जाते है। इस तरह इस के कैंसर  में बदलने से पहले ही पहचान कर इलाज  किया जाता है।

पैप  स्मीयर  कैसे किया जाता  है। बच्चादानी के मुंह  से झड़  रही कोशिकाओं  को स्लाइड पर एकत्रित  कर लिया  जाता है। इस स्लाइड को पैथोलॉजी  विशेषज्ञ  के पास  जाँच  के लिए भेजा जाता है।

पैप  स्मीयर  किन औरतों  को करवाना चाहिए

सभी शादीशुदा  औरतों  को 21 साल की उम्र  से।

सभी Sexually Active  औरतों  को पैप स्मीयर  कब  करवाना चाहिए

पैप स्मीयर पहले तीन साल हर वर्ष किया जाता है।  शुरू की तीन रिपोर्टे नेगेटिव है, तो 65 साल की उम्र तक हर तीन साल में एक बार जाँच  की जाती है।

पैप स्मीयर  से पहले 

48 घण्टे  तक सम्भोग  न करें।

48 घण्टे तक बच्चादानी में रखने वाली दवाई  न रखें।

माहवारी  के दौरान जांच  नही  जाती है।

पैप  स्मीयर के लिए लगभग  5  मिनट  का वक्त  लगता है।

पैप  स्मीयर के बाद

आप अपना काम पहले की तरह  कर सकते  हैं।

7 -10 दिन में रिपोर्ट  आ जाती है। आपको  फोन पर रिपोर्ट की जानकरी दी जाती है। रिपोर्ट  डिस्कस  करने  के लिए आपकी सुविधा  से दी जाती है। आपके  पैप स्मीयर में अगर बच्चादानी  के मुंह  पर पता  चले -तो आपकी काल्पोस्कोपी  नामक  जांच व  बायोप्सी  की जाती है।

पैप स्मीयर  का खर्चा

अपनी  पैप  की जांच  के लिए किसी भी वक्त  व्यास  अस्पताल  के रिसेप्शन  काऊंटर  पर सम्पर्क  करें । आप पैप  स्मीयर के लिए लेने  फोन पर भी सम्पर्क  कर  सकते  हैं। 01978 -243117, 094180 -17117

दूरबीन  विधि  से आप्रेशन  (Laparoscopic Surgery)

दूरबीन विधि से किया जाने वाला ऑपरेशन  चीरे वाले ऑपरेशन से भिन्न नहीं होता है ,केवल  पहुंच  का अंतर है। जहां  चीरे वाले ऑपरेशन  में बीमारी वाले अंग  तक पहुंचने  के लिए पेट  पर बड़ा चीरा लगाया जाता है, वहीं  दूरबीन विधि से किए  जाने वाले ऑप्रेशन  में बीमारी से ग्रसित अंग  तक पहुंचने  के लिए पेट पर 1 से. मी. के 2  से 4 कट  लगाए  जाते हैं। इसीलिए दूरबीन विधि के  ऑपरेशन को Minimal  Access  Surgery  कहा जाता है ।

दूरबीन  से ऑपरेशन  के निम्नलिखित  फायदे  होते हैं:

ऑपरेशन  के बाद टांको  की कम होती है व  तकलीफ  कम समय तक रहती है।

टांको  को पीक  पड़ने की सम्भावना  खुले ऑपरेशन  की तुलना में काफी  कम होती है।

ठीक होने में कम  समय लगता है। अधिकतर  लोग 2 -3  हफ्ते  में अपने सामान्य काम काज शुरू कर देते हैं। खुले ऑप्रेशन  से ठीक होने में 4  से 12  हफ्ते  का समय लगता है।

अस्पताल में 1 – 2 दिन तक रुकने की आवश्यकता होती है।

अगर इस आधुनिक युग में आपको ऑप्रेशन   की जरूरत  पड़ती है  तो ऑप्रेशन  को दूरबीन विधि से करवाने के बारे में डॉक्टर से जरूर जानकारी लें।

दूरबीन से किए जाने वाले ऑप्रेशन

1  बच्चे बंद  करवाने का ऑपरेशन  -नलबन्दी  (Tubectomy)

2  जिन लोगों  में गर्भ नहीं  ठहर रहा हो, उनमें  निम्नलिखित  जाचें  की जाती हैं  – Diagnostic, Laparoscopic & Chromo Pertubation  दूरबीन  द्वारा बच्चादानी, ट्यूबों  व  अण्डदानी  की जांच।

दूरबीन द्वारा ट्यूबों  की जांच  व  इलाज।

दूरबीन  द्वारा  (Proxinal tubal block) को खोलना।

अण्डदानी  में अण्डा  विकसित  न होने व  अण्डा  न निकलने  का इलाज  – जिसे (Laparocopic overian drilling) कहते हैं।

3 दूरबीन द्वारा (Tubal Ectopic Pregnancy) का इलाज।

दूरबीन द्वारा बच्चे बंद करने के ऑपरेशन  को खोलने  का इलाज

अण्डदानी  की रसौली का इलाज (Ovarian Cyst, Dermoid Cyst, Endometriotic Chocolate Cyst.)

Uncertain About diagnosis : कई  बार पेट की कुछ बीमारियों  के बारे में में चैकअप/ अल्ट्रासाउंड / ब्लड टेस्ट से पूरी  तरह  जानकारी नहीं  मिल पाती  ऐसे में दूरबीन द्वारा जांच  करके  बीमारी का पता  लगाया  जा सकता है, इस जांच  को  Diagnostic Laproscopy कहते है।

बच्चादानी को निकालने  का ऑपरेशन  (Hyserecttomy)

बच्चादानी की रसौली  का  ऑपरेशन

अत्याधिक  माहवारी जो दवाइयों  से नियंत्रित  न हो रही हो।

बच्चादानी  की रसौली  को निकलने का ऑपरेशन – Myomectomy अधिक  जानकारी के लिए व  दूरबीन विधि के ऑपरेशन को अच्छे  से समझने  के लिए सम्पर्क  करें।

VYAS HOSPITAL

Address: Kothi Chowk, P.O.  Chandpur, Bilaspur (H.P.)

Ph.  : 01978-243117, MOB. : 94180-17117



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