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हिप्नोटिज्म शिक्षा में चुम्बक शक्ति प्राप्त करना।

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हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या में चुम्बक शक्ति का अपना एक विशेष स्थान है। आजकल लोग इसको ‘स्पर्श चिकित्सा’ का नाम देते हैं। वास्तव में यह शक्ति बहुत ही योग्य व्यक्तियों के पास होती है। दृष्टि चिकित्सा प्रणाली के साथ ही स्पर्श के महत्व को भी आप कम न समझें। वास्तव में हर इंसान के शरीर के अंदर एक चुंबकीय शक्ति होती है जिसे वह अपने हाथों की उंगलियाँ द्धारा बाहर निकालता है।

नवीनतम ‘रेकी’ चिकित्सा प्रणाली में भी हाथ की ही चुम्बकीय शक्ति से ही आजकल अनेक रोगों का उपचार किया जा रहा है। इससे हमारी इस बात को खुले प्रमाण मिलते हैं कि मानव शरीर के अंदर जो चुम्बकीय शक्ति है उसे हाथों के स्पर्श से ही प्रयोग में लाकर हम अनेक रोगियों को ठीक कर सकते हैं। हिप्नोटिज्म (Hypnotism) और रेकी दोनों ही उपचार लगभग आपस में मेल खाते हैं।

यह बात कोई नई नहीं कि हम चुम्बक द्धारा किसी भी प्राणी को सम्मोहित कर सकते हैं। ठीक यही बात हम उँगलियों की चुम्बकीय शक्ति के बारे में कह सकते हैं।

अब समझें इस चुंबकीय शक्ति को।



स्पर्श (पास)

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या में पास का अपना एक विशेष महत्व हैं। परन्तु इसके लिए आपको अपने दोनों हाथों की हथेलियों को रगड़ते हुए इस अभ्यास को प्रारम्भ करना चाहिए।

पास के लिए साफ – सुथरे स्वच्छ हवादार कमरे में बिछे पलंग पर एक मोटा डनलप पिलो का तकिया रखें।

इस तकिए को आप मानव शरीर समझकर ही अभ्यास शुरू करेंगे। यही अभ्यास होगा पास। इस तकिए को पलंग के बीच रखकर अपने दोनों हाथों की हथेलियों को इतना रगड़ें कि वे गर्म हो जाएँ फिर झट से दोनों हाथों की मुट्ठियों को बंद कर लें और उसी समय खोल भी दें।

इसके पश्चात दोनों हथेलियों को इस तरह फैलाएँ कि उँगलियाँ इस दूसरे से मिली रहें लेकिन दोनों अंगूठे इनके अलग रहें

हथेलियों को तकिए से 5 इंच की दूरी पर रखते हुए धीरे – धीरे एक सिरे तक ले जाएँ और अंत में उन्हें बाहर की ओर झटक दें। यह अभ्यास एक बार में कम से कम तीन से चार मिनट में पूरा होना चाहिए। अंत में जब हाथ को झटका जाता है तो उसे ऐसे झटकें जैसे कोई कीड़ा आपके हाथ पर काट रहा हो। अब जब आप हाथों का यह कार्य पूरा कर चुके तो अपने हाथों की दोनों मुट्ठियों को बंद कर लें और उन्हें एक बार फिर से उसी विधि के अनुसार दूसरी बार पास दें।

पास के विषय में यह बात याद रखने योग्य है कि इसे सिर से शुरू करके पाँव की ओर लाना चाहिए। पाँव पर आकर यह आकर यह समाप्त हो यही सफल पास है और यदि आप दूसरी बार पास शुरू करते हैं तो मुट्ठियों को खोलकर ही इसे करें।

पास विधि का निरंतर अभ्यास करते रहने से आपको अपनी उँगलियों में कोई चीज़ चलती हुई सी महसूस होगी। जैसे बिजली का हल्का करंट सा लगता है।

समय सीमा

इस अभ्यास के कोर्स की वैसे तो हमारी शिक्षा में कोई समय सीमा नहीं परन्तु फिर भी सम्पूर्ण सफलता के लिए एक मास बीस दिन तक के अभ्यास से आप में हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या की शक्ति जागृत सकते है।

स्पर्श साधना प्रयोग और सम्मोहन विद्या का प्रभाव

पिछले अभ्यास में आप यह जान चुके हैं कि मानव शरीर के अंदर छिपी चुम्बकीय शक्ति को हम हाथों के स्पर्श और पास से कैसे बाहर निकाल सकते हैं।

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) (सम्मोहन शक्ति)के तीन अंग हैं जो इस प्रकार जाने जाते हैं :-

  1. दृष्टि 2. स्पर्श 3. इच्छा

इन तीनों शक्तियों के सहारे हम सफल हिप्नोटिज्म (Hypnotism) की ओर बढ़ सकते हैं। इन तीनों का मूल मन्त्र आपका मन है। जब तक आपका मन शुद्ध नहीं होगा तब तक आप सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते।

पास एक ऐसी शक्ति है जिससे हम किसी भी रोगी को अपने वश में करते रहते हैं। ऐसा ही अनुभव डॉ. फ्रेडरिक के उस कार्य से मिलता है जो इस पास विद्या से अपने रोगियों को वश में कर लेते थे। उन्होंने इस विद्या को ‘मैगनेटिक स्पर्श’ का नाम दिया था जो बहुत ही सफल अभ्यास माना जाता है।

इस अभ्यास को जो सफलता प्राप्त हुई है उसे हम भूल नहीं सकते। ‘मैगनेटिक स्पर्श का अर्थ है शारीरिक विधुत। जिसे हम उँगलियों के अगले भाग के स्पर्श से बाहर निकालने में सफल हो सकते हैं।

भारत के प्राचीन इतिहास में झाड़ – फूँक द्धारा जब कुछ साधु – फकीर तथा विद्वान रोगियों का उपचार करते थे वह भी इसी स्पर्श का एक अंग था। आज हम अंग्रेजी भाषा में इसे हिप्नोटिज्म (Hypnotism) कह सकते हैं जो सम्मोहन विधि का ही एक भाग है।

स्पर्श विधि का एक और अभ्यास

तकिए द्धारा किए अभ्यास तथा मानव शरीर पर किए जाने वाले पास के पश्चात अब हम एक और अभ्यास का ज्ञान आपको देते हैं।

इस अभ्यास में सिर से लेकर पाँव की उँगलियों के नाखूनों तक पास दिया जाता है। सिर से शुरू करके पाँव के नाखूनों तक आकर हाथों को जोरदार झटका दिया जाता है। इसके लिए नीचे दिए गए चित्र को देखें।

इस अभ्यास का दूसरा भाग

इसमें हम दोनों हाथों को सिर से लेकर नाभि तक ले जाते हैं। फिर दोनों हाथों को दाईं ओर से जाकर जोर से झटक दिया जाता है। इसमें हाथों को पाँव तक ले जाने की आवश्यकता नहीं होती। बस नाभि तक ही ले जाकर इसे रोक कर झटक दिया जाता है।

इस नाभि तक के अभ्यास से हम पेट और छाती के रोगियों का उपचार करने में सफल हो सकते हैं।

वश में करने की सम्मोहन विद्या

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का प्रथम चरण यही होता है कि किसी भी व्यक्ति को अपने वश में कर लेना। कहने को तो यह बहुत साधाहरण सी बात लगती है लेकिन यह बात इतनी सरल भी नहीं है परन्तु यह बात इतनी सरल भी नहीं है परन्तु यह बात असंभव ही नहीं।

जैसा आपको पहले भी स्पर्श और पास शक्ति के बारे में बताया जा चुका है ठीक ऐसे ही सम्मोहन शक्ति से किसी भी प्राणी को अपने वश में किया जा सकता है।

स्पर्श शक्ति द्धारा जब सम्मोहन विद्या को काम में लाया जाता है तो किसी भी मानव को अपनी ओर खींचा जा सकता है। यह कार्य होता है स्पर्श का। इसके लिए आप किसी मानव को अपने सामने खड़ा करके उसकी ओर अपनी मीठी तीखी नजरों से देखें और साथ ही उसे मन ही मन आदेश दें कि ‘मेरी ओर झुक जाओ”।

इसके पश्चात कुछ क्षणों के चुप रहकर हाथों को धीरे – धीरे उसके सामने से अपने कंधों तक उठाना होगा और उसे घूरते हुए एकदम सीधे खड़े हो जाएँ।

इसके पश्चात सीधे हाथ को अपने सामने खड़े प्राणी के माथे तक उठाकर एक साधाहरण सा स्पर्श देना होगा।

दूसरी बार बाँए हाथ का स्पर्श दें। दोनों हाथों का स्पर्श देने के पश्चात कुछ क्षणों के अंदर देखेंगे कि सामने वाला प्राणी जिसे आप हिप्नोटाइज (Hypnotism) करना चाहते हैं धीरे – धीरे आपकी ओर खींचता चला आ रहा है। ऐसे में आप उसे अपने  हाथों का सहारा देकर संभालने का प्रयास करें तो वह गिरने से बच जाएगा और आपके इशारे ओर आपके इशारे और आपके आदेशों का पालन करता रहेगा।

एक और स्पर्श अभ्यास

हिप्नोटिज्म करने की कला ही एक ज्ञान शक्ति है। जैसा आपको पहले स्पर्श पास विद्या के विषय में बताया जा चुका है। वह विद्या एक लम्बे अभ्यास के पश्चात ही प्राप्त होती है। इसके दो रूप हैं :-

  1. दूसरे लोगों को हिप्नोटाइज (Hypnotism) करना
  2. स्वयं को हिप्नोटाइज (Hypnotism) करना

इन दोनों में ही भावना प्रवेश का मूल स्थान है। इनमें आपका अभ्यास ही अधिक काम आता है। एक बात आपको याद रखनी होगी कि केवल पुस्तकें पढ़कर ही आप सफलता प्राप्त नहीं कर सकते।

जिद्दी लोग जो बिना किसी प्रमाण के किसी बात पर विश्वास नहीं करते जो केवल अपने ही मन की बात सुनते हैं उन पर शीघ्र हिप्नोटिज्म (Hypnotism) नहीं किया जा सकता लेकिन जो लोग हिप्नोटिज्म (Hypnotism) कर्त्ता की बात को मानकर उसे हर काम में सहयोग देते हैं उन पर बहुत जल्द हिप्नोटिज्म (Hypnotism) किया जा सकता है।

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) करते समय अपने किसी भी रोगी के कंधे पर हाथ रखकर उसे सहलाते हुए उसकी दृष्टि के अंदर अपने हाथ की चुंम्बकीय शक्ति से वश में करते हुए उसके हाथ के स्पर्श से पास विद्या को प्रयोग में लाकर उसे गहरी नींद में ले जाते हुए अपना उपचार शुरू कर देते थे। डॉ मसिमायर का यह फार्मूला बहुत सफल हो रहा था।

डॉ. इस्डेली के हिप्नोटिज्म का एक अभ्यास

डॉ. इस्डेली जब अपने रोगियों का हिप्नोटिज्म (Hypnotism) द्धारा उपचार करते तो पहले उसे एक अँधरे कमरे में ले जाते और वहाँ पर उसे मीठी नींद सुलाकर उसके पूरे शरीर पर अपने हाथों का स्पर्श देते थे।

अब ठीक इसी तरीके से आप भी किसी को हिप्नोटाइज (Hypnotism) कर सकते हैं। आप रोगी को मीठी नींद सुलाकर उसके शरीर पर स्पर्श करें।

बीच – बीच में थोड़ी – थोड़ी देर के बाद उसकी आँखों और मुँह पर फुँके मारते रहें। इस प्रयोग से रोग इतना अधिक सम्मोहित हो सकता है कि डॉ.इस्डेली ने कई रोगियों के ऑपरेशन कर डाले। उन्हें कुछ भी सुंघाने की जरुरत नहीं पड़ी। हिप्नोटाइज (Hypnotism) विद्या में ऑपरेशन करने का यह एक माध्य माना जाता है।

स्वयं को हिप्नोटाइज करना

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या में कुछ सिद्धांत ऐसे भी है जिनकी शक्ति से आप अपने आपको भी हिप्नोटाइज (Hypnotism) कर सकते हैं। इसके लिए कुछ अभ्यास आपके सामने रखे जा रहे है। इसके लिए कुछ अभ्यास आपके सामने रखे जा रहे हैं जिनसे आम जनता भी पूरा – पूरा लाभ उठा सकती है।

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