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कल्पना और कल्पना शक्ति (POWER OF IMAGINATION)

POWER OF IMAGINATION Alloverindia.in

नवीन कल्पना की खोज ने यह सिद्ध कर दिया है कि हमारे मस्तिष्क के तीन भाग हैं-

  1. कल्पना (Imagine) 2. कार्य 3. कार्य की पूर्ति

हिप्नोटिज्म विद्या (Learning Hypnosis) के लिए यह बात तो अति विशेष मानी जाती है कि हम अपने मन की ओर सबसे पहले ध्यान दें। यदि हम मन और मस्तिष्क को समझ लेते हैं तो हिप्नोटिज्म के बारे में फैलाई जा रही गलत फहमियों को काफ़ी हद तक दूर किया जा सकता है। कुछ लोग हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का ज्ञान तो रखते नहीं। सुनी – सुनाई बातों से ही आलोचना शुरू कर देते हैं। आओ देखें हिप्नोटिज्म (Hypnotism) और मन – मस्तिष्क के सम्बन्ध।



जागृत मन (Awakened Mind)

जागृति हमारे मस्तिष्क का प्रथम भाग है। इसका काम पल -पल की बीती घटनाओं का अहसास दिलाना है। यही जागृत मन एक ही समय में बहुत सी बातों को देखता – सुनता है और हमें उसका अहसास दिलाता है। जैसे कि – एक समय आप कोई पुस्तक लिख रहे हैं। आपके मस्तिष्क की सारी पकड़ में सामने पड़ी कॉपी और हाथ में पकड़ा हुआ पैन और उस पैन से निकलते हुए शब्दों के साथ – साथ सड़क पर गुजरती हुई मोटर – कारों की गड़गड़ के बीच कभी फ़ोन की घंटी भी है। बीच में आपने परिवार के सदस्यों को शोर मचाने से मना भी किया। इन सब हंगामों के बीच में आप अपनी रचना पूरी कर रहे हैं।

“ऐसा क्यों ? कैसे आपके मस्तिस्क (Brain) ने यह कठिन कार्य पूरा कर लिया ? आपके पास ऐसी कौन सी शक्ति थी जिसके सहारे आप इस काम को पूरा करने में सफल हो गए ?

यह था आपका जागृत मन। जो बाहरी शक्तियों को अपनी शक्ति से पराजित कर आपको अपने कार्य में सफल होने का अवसर प्रदान करता है।

मन की गहराई (The Depth of The Mind) 

इसका कार्य इतना विशेष नहीं होता जितना जागृत मन का होता है। ऐसी घटनाएँ जिनसे हम साधाहरण रूप से प्रभावित होते हैं। यहीं मन उसे अपनी गहराई में सुरक्षित (Safe and Secure) रख लेता है और कुछ दिनों के पश्चात इनके विशेष भाग को मन के हवाले कर देता है अर्थात यह हमारे अतीत को अपने पास रखता है। जब हम कभी भी बीती बातों को याद करते है तो यह हमें एक सहायक के रूप में कार्य कर देता है।

स्वस्थ मन (A Healthy Mind) 

स्वस्थ (Healthy) मन हमारे जीवन का बहुत बड़ा साथी है। यह एक ओर तो मन के लिए बहुत सारी सुविधाएँ (Features) प्रदान करता है परन्तु दूसरी ओर यह कई संकट भी पैदा कर देता है। जैसा कि जब कभी मानव पथ भष्ट होता है तो उसमें भी इसी का हाथ होता है इसी मन में भलाई, पुण्य की भावनाएँ पैदा होती है। यही धर्म रक्षक (Religion Guard) और प्रेरणा का प्रतीक है किन्तु कभी – कभी यही मन जब कभी मोह – माया और वासना का शिकार होता है तो जागृत मन पर भी अपना प्रभाव डालकर उसे अपने वश में कर लेता है। स्वस्थ मन और जागृत मन में कई बार टकराव भी हो जाता है।

जैसे कि हम अपने दैनिक जीवन (Daily Life) में यह देखते हैं कि कई दुर्घटनाएँ हमें सदा ही चिंतित करे रखती हैं। यह उदाहरण तो आपने सुना ही होगा कि – दूध का जला छाछ को भी फूँक – फूँक कर पीता है।”

ठीक इसी प्रकार से एक हमारे भी मित्र थे जो किसी को पानी में डूबते या गोते लगाते देखते थे तो डर के मारे चीखें मारते हुए भाग जाते। एक दिन जब उनसे इस डर का कारण पूछा गया तो पता चला कि उनका भाई उनकी आँखों के सामने ही पानी में डूबकर मर गया था। तब से उन्हें पानी से बहुत डर लगता है।

डर, भय” कैसा भी है यदि वह किसी के मन में बैठ जाए तो उसे निकालना बहुत ही कठिन है। जैसे कि आप में से बहुत से लोग अँधेरे में जाते हुए घबराते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का डर रहता है कि अँधेरे में भूत होते हैं।

अब अँधेरे में भूत होते हैं अथवा नहीं यह तो एक अलग बात है और इसका जो डर है वह एक अलग बात है। डर तो स्वस्थ मन की गहराई में जाकर बैठ गया है। उसे कौन निकालेगा ? यह डर हमारे मन में जब एक बार बस जाता है तो उसे निकाल पाना इतना सरल नहीं।

कल्पना (IMAGINATION)

यह कल्पना क्या है ?” What Is It Imagine?

जैसा कि आपको पहले भी बताया जा चूका है कि किसी घटना को मन में लाकर उसकी गहराइयों (Depths) में दबा देना हमारे अतीत की आवश्यकता की स्मृतियों (Memories) को सुरक्षित करना है।

कल्पना को अंग्रेजी भाषा में DAY DREAM दिन में जागते हुए सपने देखना है।

एक कल्पना वह होती है जिसका किसी घटना से कोई सम्बन्ध नहीं होता। इसके लिए हम अपने मस्तिष्क को मजबूर करते हैं कि वह ऐसी कल्पना शक्ति (POWER OF IMAGINATION) का चित्र तैयार करे जिसका सत्य से कोई सम्बन्ध नहीं। हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का सम्बन्ध अधिकतर इसी कल्पना से है। दिन में जागृत होते हुए आप जो सपने देखते हैं अब उनके बारे में जान लें।

यदि कोई लड़का किसी लड़की से प्रेम करता और उस लड़की को अपना जीवन साथी बनाने में उसे कई कठिनाइयाँ (Difficulties) पैदा होती हैं। समाज उसके रास्ते का रोड़ा बन जाता है। उन दोनों की शादी नहीं हो सकती उसका दिल बुरी तरह टूट जाता। “मौत, आत्महत्या” (Suicide) ऐसे ही अनेक विचार उसके मन में पैदा होने लगते हैं। वह प्रेम के लिए अपने जीवन का बलिदान (The Sacrifice) करने के लिए तैयार हो जाता है। लेकिन अचानक ही उसके मन में यह ख्याल आता है कि -“उसे अपनी प्रेमिका मिल गई और उन दोनों की शादी हो रही है। शहनाइयाँ बज रही हैं, बैंडबाजों का शोर हो रहा है, शादी के गीत गाए जा रहे हैं।

दोनों का मिलन हो रहा है। दो प्रेमी एक हो रहे हैं। लग्न मंडप सजा हुआ है। इस लग्न मंडप में उन दोनों के फेरे हो रहे हैं और फिर वह विवाह सूत्र में बंध गए। बस कल्पना (Imagine) में ही उसने सारे आनंद ले लिए। लोग तो सोकर सपने देखते हैं। वह जागते हुए ही कल्पना में सपने देखता रहा। जिनके सहारे उसने आत्म हत्या का विचार ही मन से निकाल दिया। अब उसे आत्म हत्या की आवश्यकता ही नहीं रही।

एक प्रेमी का अपनी प्रेमिका से मिलना और उसे अपना जीवन साथी (Life Partner) बनाना यही तो उसकी इच्छा होती है। यह सब कुछ तो उसे अपनी कल्पना में मिल गया था जीवन भर के लिए न सही कुछ क्षणों के लिए ही सही। उसे आनंद तो प्राप्त हो गया। कल्पना का सबसे बड़ा लाभ यही है कि हम प्राय: जिस चीज़ को अपने जीवन में प्राप्त नहीं कर सकते उसे कल्पना में प्राप्त करके कुछ क्षणों लिए संतुष्ट हो जाते हैं।

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