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हिप्नोटिज्म करने के पश्चात रोगी को जागृत कैसे करें?

After Hypnosis Patient How to Wake Up Alloverindia.in

After Hypnosis Patient How to Wake Up?

नजरों के सामने कोई गोला रखें

इस तरीके में हम रोगी की आँखों के सामने एक काले रंग  गोला लटका देते हैं और उसे आदेश देते हैं कि – उधर ध्यानसे देखते रहो, देखो ….. देखो ….. देखो …..

यह कहते हुए उसके सिर पर और गर्दन पर अपनी उँगलियों का स्पर्श करते रहें। कुछ ही देर में उसे नींद आने लगेगी और वह आपके हर आदेश का पालन करने लगेगा।



हिप्नोटिज्म (Hypnotism) करने के पश्चात रोगी को जागृत कैसे करें?

बहुत कम लोग इस बारे में सोच पाते हैं कि जिस रोगी को आप अपनी विद्या की शक्ति से मीठी नींद सुला चुके हो और वह अपने होश खोकर आपके इशारों पर नाच रहा है। वह तो अपने आप को भूल चुका है। अब उसका क्या होगा?

एक पुरानी कहावत ऐसे अवसर पर याद आती है – लोग किसी भी नर नारी पर भूत तो छोड़ देते थे मगर उन्हें वापसबुलाने की शक्ति उनमें नहीं होती थी।”

भूतों और हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या का मेल तो वैसे भी नहीं है। परन्तु फिर भी कई बार सोचना पड़ता है कि तांत्रिक लोगों की बड़ी – बड़ी आँखें जब किसी भूतिया रोगी को अपने वश में कर लेती थी तो वह उसी के इशारों पर नाचने लगता था।

आज जब हम किसी हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या की शक्ति से किसी रोगी मानव को अपने वश में करते हैं तो वह हमारे इशारों पर ही नाचता है और अपने होश खो बैठता है।

ऐसे रोगी को वापस अपने होश में लाना भी हमारी विद्या का ही एक अंग है।

डॉ. ब्रइड अपने रोगियों को हिप्नोटाइज (Hypnotize) करने के पश्चात होश में लाने के लिए पंखे की ठंडी हवा देकर उन्हें होश में लाने का प्रयास करते थे।

इस अभ्यास का आविष्कार करने वाले नैंसी स्कूल के डॉ. थे। उस स्कूल में केवल हिप्नोटिज्म (Hypnotism) उपचार के भी नए – नए परीक्षण होते थे। सबसे पहले उन्होंने ही इस बात के बारे में सोचा था कि हिप्नोटिज्म (Hypnotism) द्धारा बेहोश किए हुए रोगी को होश में कैसे लाया जाए? उनके ही आविष्कार को आप नीचे वाले चित्र को देखकर स्वयं जान सकते हैं।

इस चित्र में स्पष्ट दिखाया गया है कि नैंसी हिप्नोटिज्म (Hypnotism) उपचार के लोग जिस प्रकार उँगलियों के स्पर्श से ही रोगी को बेहोश करते थे इस प्रकार उँगलियों को ही उसके शरीर पर फेरकर उसे होश में लाने का प्रयास करते हुए कहते थे – “उठो …… उठो …… जागो …. देखो सुबह हो गई। “

“तुम अभी तक क्यों सो रहे हो।”

“जागो …… जागो …… देखो आपके सामने नए जीवन का सूर्य प्रतीक्षा कर रहा है।”

“अब तुम्हारे सारे कष्ट दूर हो गए हैं।”

“अब आपने अपने नए जीवन का सफर शुरू करना है?”

“अब तुम्हारे सकंट दूर हो चूके हैं।”

“उठो …… उठो …… उठो ……।

“सुबह हो गई।”

“नई सुबह के सूर्य को प्रणाम करो।”

“मैं दस तक गिन रहा हूँ। दस अंक की आवाज सुनते ही आप अपनी आँखें खोल दोगे।”

“खोलो …… खोलो …… अब आँखें खोलो।”

बस इसके पश्चात उसकी आँखें खुल जाएँगी।

डॉ. पीटर की शिक्षा

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या के प्रसिद्ध डॉ. पीटर अपने रोगियों को होश में लाने के लिए अपने एक नए प्रकार के तरीके का प्रयोग इस प्रकार से किया करते थे।

डॉ. अपने रोगियों को हिप्नोटिज्म (Hypnotism) की निद्रा से जागृत करने के लिए शरीर के किसी भी भाग को जोर से दबाकर सिर पर एक चुटकी काटते थे। इससे नींद में खोया हुआ व्यक्ति अपने आप उठ जाता था। डॉ. पीटर के इस अध्याय का नाम था – ZONES HYPNOFRENATRICES.

शक्ति चक्र और हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का ज्ञान

शक्ति चक्र को यदि हम हिप्नोटिज्म (Hypnotism) की ही शक्ति कहें तो यह गलत नहीं होगा और आप सब वे लोग जो हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या को सीखना चाहते हैं उन्हें भी शक्ति चक्र के बारे में पूरा ज्ञान प्राप्त होना जरुरी है अन्यथा उनका ज्ञान अधूरा ही रहेगा।

शक्ति चक्र दो प्रकार के होते हैं :-

इसका कारण यह है कि हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के प्रारंभिक दौर में हर देश के विद्धानों ने इस चक्र को अपने ही साँचे में ढालने का प्रयत्न किया। इसका परिणाम हमारे सामने है।

आगे देखें शक्ति का दूसरा रूप

इन दो रूपों में से पहला रूप तो अमेरिकन विद्धानों ने निर्धारित किया था। दूसरा रूप ग्रीक स्टाइल माना जाता है।

अब आपको दोनों प्रकार के शक्ति चक्रों के विषय में थोड़ा विस्तार से बताया जाना जरुरी समझता हूँ क्योंकि इसके बिना आपका ज्ञान अधूरा रहेगा।

अमेरिकन शक्ति चक्र

जैसाकि आप नाम से ही जान रहे हैं कि इसका आविष्कार अमेरिका के साथ जुड़ा है। इस अमेरिकन हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के विद्धान डॉo “मैल्विन पावर” ने किया था। इसी कारण इसे विद्धानों ने पावर हिप्नाडिस्क स्पायरल भी कहा जाता है।

ग्रीक स्टाइल शक्ति चक्र

यह चक्र युनान देश के हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के विद्धान की देन है जिसके कारण इसे यूनानी स्टाइल शक्ति कहा जाता है।

शक्ति चक्र का कार्य

शक्ति चक्र तो किसी भी नाम का हो किसी भी देश का हो परन्तु उसका कार्य तो एक ही है हिप्नोटिज्म (Hypnotism) की शिक्षा तथा ज्ञान प्राप्त करने के लिए शक्ति चक्र हमारी सफलता के द्धार खोल सकते हैं लेकिन इसके लिए हर उस मानव को सम्पूर्ण तथा कड़ा अभ्यास करना होगा जो हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के विद्धान बनना चाहते हैं।

कैसे करें अभ्यास

  1. शक्ति चक्र पर अपनी दृष्टि को जमा कर रखें।
  2. इसके लिए समय का कोई प्रतिबन्ध नहीं। दिन हो या रात सुबह हो या शाम कभी भी इसे प्रारम्भ कर सकते हैं।
  3. इस अभ्यास के लिए पूर्ण रूप से शाँत स्थान होना जरुरी है।
  4. आपका मन बिल्कुल शुद्ध और संसार के झंझटों से बिल्कुल खाली हो।
  5. किसी प्रकार की चिंता का बोझ मन पर न हो।
  6. दुःखी तथा चिंतित मन वाले किसी भी व्यक्ति को इसे नहीं करना चाहिए।
  7. यदि आप फर्श या कुर्सी पर बैठकर यह अभ्यास करते है तो इसके लिए शक्ति चक्र को आप अपने निवास से दो या ढाई फुट के फासले पर रखें।
  8. जो लोग लेट कर इस अभ्यास को करना चाहते हैं वे इस शक्ति चक्र को हाथों में पकड़कर नजरों से एक से डेढ़ फुट तक के फासले पर रखना चाहिए।
  9. शक्ति चक्र पर दृष्टि जमाते समय अपने शरीर को पूरी तरह से ढीला छोड़ दें।
  10. शक्ति चक्र पर उस समय तक अपनी आँखें जमाए रखें जब तक आपकी आँखें थक न जाएँ।
  11. शक्ति चक्र पर नजरें जमाते समय बार – बार यह ख़्याल मन में चलाते रहें :-

मेरी नज़र बड़ी तेज हो रही है।”

मेरे अंदर एक नई शक्ति पैदा हो रही है।”

शक्ति ……. शक्ति ……. शक्ति …….।”

ऐसी ही कल्पना से आप अच्छे हिप्नोटिस्ट (Hypnotist) डॉक्टर बन सकते हैं।

इसका सम्पूर्ण कोर्स चालीस दिन का है। परन्तु इसकी सफलता का रहस्य आपके मन के साथ जुड़ा है। बिना तप – त्याग के कोई भी ज्ञान प्राप्त नहीं होता मन यदि शुद्ध नहीं। विचार यदि पवित्र नहीं तो आप कुछ भी नहीं पा सकते। मोह, माया, लोभ, स्वार्थ को त्याग कर ही आप इस विद्या को प्राप्त कर सकते हैं।

विद्या तो एक ज्ञान है। ज्ञान का जन्म प्रकाश से होता है। अध्यात्मिक शक्ति (Spiritual Strength) और हिप्नोटिज्म (Hypnotism) को आपस में जोड़कर यदि आप चलेंगे तो ऐसा कोई कारण नहीं कि आप सफलता प्राप्त न कर सकें।

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) शिक्षा का यह अध्याय समाप्त करते हुए मैं अपने पाठकों से इतना ही कहूँगा कि इस विद्या का प्रयोग जन कल्याण मानव सेवा के लिए हो करें तो अच्छा होगा। इसी में आपके जीवन के सारे सुख छुपे हुए हैं।

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