उपासना द्धारा अपने को सम्मोहित करना

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Worship Inflated By The Entrance

ब आप भी इस चित्र की सहायता से काम शुरू करें। अपनी दृष्टि को नाक की नोक पर टिकाकर पहले पाँच मिनट, फिर सात मिनट, इसके पश्चात दस मिनट।

इस अध्याय को कुछ दिन तक कर लेने के पश्चात जब आप अपने ऊपर हिप्नोटिज्म (Hypnotism) करना चाहेंगे तो आपको सफलता मिलेगी।



एक अलग कमरे या किसी बाग में जाकर पूर्ण शांति के साथ लेट जाएँ। अपनी दोनों आँखों को बंद करके दोनों हाथों को बगलों के पास से नीचे तक सीधे ले जाएँ। दोनों पाँव को एक दूसरे से अलग करके खड़े रखें। अपने शरीर के हर अंग को ढीला छोड़ दें। अब अपने मन और मस्तिष्क को इस संसार से हटाकर खाली करके यही महसूस करें कि मुझ पर हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का प्रभाव पड़ रहा है और यह प्रभाव एक – एक अंग से होता हुआ पूरे शरीर को अपनी लपेट में ले रहा है।

असल में इस अध्याय को हम मानस संचरण” हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का नाम देते हैं। जो पाँव के अंगुठे से शुरू होकर शरीर के दाँए भाग के ऊपर मस्तिष्क पर अपना प्रभाव डालता है।

इस अध्याय के प्रारम्भिक चरण में आपको ऐसा लगेगा कि आप पर नशा सा छा रहा है। धीरे – धीरे मीठे सुरों की आवाजें आ रही हैं।

थोड़े ही दिनों के अभ्यास से आपमें स्वयं हिप्नोटिज्म (Hypnotism) करने की शक्ति पैदा हो जाएगी।

उपासना द्धारा अपने को सम्मोहित करना

यह एक बहुत ही सरल और उपयोगी अभ्यास है। इसे कहते हैं – एक पंथ दो काज”

साधना, उपासना हर मानव को करनी चाहिए। इससे आदमी की आत्मा शुद्ध हो जाती है। भारत के प्राचीन शास्त्रों में उपासना और परमात्मा को बराबर का स्थान दिया गया है। उपासना प्रभु मिलन का मार्ग है।

अपना सारा ध्यान प्रभु की ओर लगा दें। इसके लिए पहले धूप अथवा ज्योति को जलाकर आप जिस धर्म तथा देवी – देवता को मानते हैं उसका नाम लेकर अपने ध्यान को उस ज्योति पर केंद्रित करें।

इस अध्याय को चालीस दिन तक सुबह – शाम करने वाले लोग हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या शक्ति प्राप्त करने में सफल हो जाते हैं।  

आँखों का हिप्नॉटिज्म में प्रयोग

आँखों के बारे में आपको पिछले पृष्ठों में भी बताया जा चूका है। एक बार फिर से पाठकों के सामने आँखों के बारे में बताते हुए मैं यह कह दूँ कि मानव शरीर की आँखें वास्तव में दो ऐसी खिड़कियाँ हैं जिनके द्धारा हम एक दूसरे प्राणी के में उतर सकते हैं।

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या के प्रसिद्ध डॉक्टर ‘ब्रइड’ इस विषय में हमारे सामने एक उदाहरण हैं। वे छुरियों का बक्सा अपने पास रखा करते थे। ऐसी छुरियों जिनकी चमक बहुत तेज होती थी। उनमें कोई भी प्राणी अपना चेहरा देख सकता था। इन छुरियों में से एक या दो छुरियाँ निकाल कर वे रोगी की आँखों से एक फुट की दुरी पर रखते और रोगी से कहते कि – “तुम इसे ध्यानपूर्वक देखते रहो।”

थोड़ी देर तक जब रोगी उन छुरियों की चमक देखता रहता तो उसके चेहरे पर एक विचित्र चमक जाग उठती और आँखें अपने आप बंद होने लगती थी।

आँखें मूँद लेना, खोल लेना फिर से बंद कर लेना। धीरे – धीरे वह प्राणी उस चमक से इतना अधिक प्रभावित होता कि वह झूमने लगता।

वशीकरण का यह मार्ग भी हिप्नोटिज्म (Hypnotism) उपचार में काफी सफल रहा है।

उंगलियों का रहस्य

यह बात तो आपको पहले  ही बताई जा चुकी है कि हमारी उँगलियों से ऐसी शक्ति निकलती है जिसे हम विधुत शक्ति कह सकते हैं जो हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या का प्रमुख अंग है। आज हिप्नोटिज्म (Hypnotism) को जो सफलता प्राप्त हो रही है उसका सबसे बड़ा कारण उँगलियों का स्पर्श ही है।

अब इस अभ्यास में रोगी की दो उँगलियों को पकड़कर उसकी आँखों की ओर घूरकर देखते रहें।

देर तक उसकी आँखों में आँखे डालें। उसकी आत्मा में अपनी छाया छोड़े और उससे कहते रहें -“आपको नींद रही है,हाँ आपको नींद रही है”

उसकी उँगलियों को बराबर स्पर्श से रगड़ते रहें। अब उसकी आँखों के निकट उँगलियों को ले जाएँ फिर पीछे … फिर आगे …… फिर पीछे …।

इस प्रकार से रोगी नींद में खो जाएगा और आपके हर आदेश का पालन करेगा।