महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बिलासपुर हिमाचल प्रदेश

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विभागीय योजनाओं का सार संग्रह, मदर टेरेसा मात् असहाय संबल योजना, उद्देश्य:- नि:सहाय महिलाओं के बच्चे या अनाथ बच्चे जिनकी आयु 18 वर्ष से कम हो के पालन पोषण हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना। पात्रता:- ग्रामीण विकास विभाग / शहरी विकास विभाग द्वारा चयनित गरीबी रेखा से नीचे रह रही नि:सहाय महिलाएं जो विधवा है, तलाकशुदा हो, परित्यक्ता हो या जिनके पति 2 साल से लापता हो और संबंधित थाना में न मिलने की रिपोर्ट हो या ऐसी नि:सहाय महिलाएं जिनकी वार्षिक वेतन Rs. 35,000/- से कम हो या ऐसे अनाथ बच्चों, जिनके अभिभावक जो गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हो या जिन अभिभावकों की वार्षिक आय Rs. 35,000/- से कम हो। सहायता Rs. 3000/- बच्चा प्रति वर्ष 18 वर्ष की आयु तक केवल दो बच्चों को। 

बेटी है अनमोल योजना Beti Hai Anmol Scheme

Beti Hai Anmol Scheme read out at alloverindia.in

उद्देश्य: महिलाओं के प्रति समाज में कार्यात्मक दृष्टिकोण पैदा करना और बालिका के जन्म को अभिशाप ना माना जाए, इस बारे प्रयास करना। पात्रता: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे व बी.पी.एल. परिवारों में अधिकतर 2 बालिकाएं। प्रक्रिया: गरीबी रेखा के नीचे रह रहे परिवारों में जन्मे बालिकाओं के माता-पिता को निर्धारित प्रपत्र पर अपना आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता / बाल विकास परियोजना अधिकारी को देना होगा। सहायता:  बालिका के नाम पर Rs.10,000 की धनराशि। बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करवाई जाती है तथा उसके 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर पूर्ण राशि ब्याज सहित दी जाती है। इसके अतिरिक्त बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निम्नलिखित दरों पर छात्रवृति दी जाती है :- प्रथम कक्षा से, तृतीय कक्षा तक Rs.300/- प्रति वर्ष, चतुर्थ कक्षा में Rs. 500 प्रति वर्ष, पांचवी कक्षा में Rs. 600 प्रति वर्ष, छठी एवं सातवीं कक्षा में Rs. 700 प्रति वर्ष, आठवीं कक्षा में Rs. 800 प्रति वर्ष, नवमी एवं  दसवीं कक्षा में  Rs.1000/- रुपए प्रति वर्ष, 10+1 और 10+2 Rs. 1500 रुपया प्रतिवर्ष

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना

उद्देश्य: बेसहारा महिलाओं/लड़कियों को शादी हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना। पात्रता: बेसहारा लड़कियां जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी हो या शारीरिक/मानसिक असमर्थता के कारण अपनी आजीविका कमाने में असमर्थ होने के कारण बिस्तर पर हो या परित्यक्त/तलाकशुदा महिलाओं की पुत्रियां, जिनके सरक्षकों की वार्षिक आय Rs. 35000 से अधिक ना हो। सहायता: Rs.25,000/- की वित्तीय सहायता। प्रक्रिया: इच्छुक महिला निर्धारित प्रपत्र पर संबंधित तहसीलदार से सत्यापित आय प्रमाण पत्र सहित आवेदन कर सकती है।

महिलाओं का स्वयं रोजगार हेतु सहायता Support For Self-Employment of Women

उदेश्य: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम-धंधा करने हेतु प्रोत्साहित करके उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना। पात्रता: ऐसी महिलाएं जिन की वार्षिक आय Rs.35,000/- से अधिक ना हो। सहायता: Rs.5,000/- प्रति मालिक आर्थिक सहायता

विधवा पुनर्विवाह योजना Widow Remarriage Plan

उद्देश्य: विधवाओं को पुनर्विवाह के लिए प्रेरित करना। पात्रता: विधवा महिलाएं। सहायता: दंपत्ति Rs. 50,000/- की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाती है। प्रक्रिया: आवेदन पत्र के साथ विधवा के प्रथम विवाह की तिथि, विधवा होने की तिथि, विधवा पुनर्विवाह की तिथि तथा हिमाचली ग्राम प्रमाण-पत्र संबंधित कार्यकारिणी दंडाधिकारी द्वारा जारी संलग्न किए जाने अनिवार्य है।

किशोरी शक्ति योजना Kishori Shakti Yojana

उद्देश्य: इस योजना का उद्देश्य 11 से 18 वर्ष की आयु की किशोरियों की स्वास्थ्य, पोषण व कौशल सबंधी जरूरतों को पूरा करना व बाल विकास को रोकना है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रशिक्षण शिविर व जागरुकता शिविर का आयोजन किया जाता है। सहायता: 11 वर्ष से 18 वर्ष की आयु की बी.पी.एल. किशोरियों को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूर्व पोषाहार दिया जाता है।

माता शबरी महिला सशक्तिकरण योजना

इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे रहे अनुसूचित जाति के परिवारों की महिलाओं जिनके पास एल.पी.जी. गैस कनेक्शन नहीं है, को कनेक्शन प्रदान करने हेतु 50% अनुदान, जिनकी अधिकतम सीमा 1300 रुपए हैं, का प्रावधान है। प्रार्थी का चयन संबंधित ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। वित्तीय वर्ष में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 75 महिलाओं को योजना के अंतर्गत लाभांवित करने का प्रावधान है। 

बाल-बालिका सुरक्षा योजना Girl Child Protection Scheme

इस योजना के अंतर्गत पदार्थ अनाथ, अर्ध अनाथ माता पिता द्वारा त्यागे हुए बच्चे या जिन बच्चों के माता-पिता इस बीमारी से ग्रसित हों, उन बच्चों को विभाग द्वारा Rs. 500/- बच्चों की पढ़ाई एवं देखभाल के लिए उनके सरंक्षकों को मानसिक तौर पर दिए जाते हैं। सरंक्षकों की मासिक आय Rs. 5,000/- से कम नहीं होनी चाहिए तथा वे किसी बीमारी से ग्रसित नहीं होने चाहिए।

बलात्कार महिलाओं के लिए पुनर्वास राहत योजना Rape Relief Rehabilitation Plan For Women

उद्देश्य: पीड़ितों को आर्थिक सहायता देना सहयोग सेवा: आश्रम, चिकित्सा, कानूनी सहायता, शिक्षा व्यावसायिक प्रशिक्षण जरूरत अनुसार प्रदान करना। आर्थिक सहायता: योजना अनुसार प्रभावित महिला को  Rs. 75,000/- की सहायता राशि इनके पुनर्वास सहयोग सहायता देने के लिए प्रदान की जाती है। विशेष घटना में यह एक लाख तक दी जा सकती है। पीड़ित महिला को सहायता के लिए आवेदन FIR दर्ज होने के 60 दिन में भेजना होता है।

आवेदन के साथ FIR चिकित्सा रिपोर्ट प्रमाण पत्र संलग्न करें।

पहली किस्त ————- Rs. 25000/- दूसरे क़िस्त ———— 25000/- प्रभावित महिला के मानसिक, कानूनी व चिकित्सा देने, परामर्श सेवाएं शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए अंतिम किस्त ———जब महिला क्रिमिनल एक्ट की esi dense प्रस्तुत कर देती है या 1 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर Rs. 25,000/- की राशि दी जाती है। सशक्त नारी सशक्त समाज

जारीकर्ता:- जिला कार्यक्रम अधिकारी उपयुक्त जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश

संपर्कसूत्र :-

जिला स्तर पर:- जिला कार्यक्रम अधिकारी बिलासपुर

खंड स्तर पर:- बाल विकास परियोजना अधिकारी झंडूता,सदर घुमारवीं।

वृत्त स्तर पर:-  विभागीय सुपरवाइजर

आंगनवाडी स्तर पर:- संबंधित क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

फोन नंबर:- 0 1978, 221-514

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