ये रहस्यमयी खबरें भारत के बारे में अब तक आपने क्यों नहीं पढ़ी

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दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन का 31वा शिखर सम्मेलन फिलीपींस की राजधानी मनीला में 13-14 नवम्बर को सम्पन हुआ| सम्मेलन में आसियान के सभी सदस्य 10 देशों इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापूर, थाईलैंड, ब्रूनेई, बियतनाम, लाओस, म्यांमार तथा कंबोडिया के नेताओं और पर्यवेक्षक देशों ने भाग लिया| इस सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि दक्षिण चीन सागर पर चीन और आसियान के बीच सहमति बन गई है|

#आसियान शिखर सम्मेलन 2017 ASEAN Summit 2017

इस बारे में एक क्षेत्रीय कोड ऑफ कड़कट बनाने के मकसद से बातचीत के लिए दोनों तैयार हो गए हैं उल्लेखनीय है कि आसियान देशों और चीन के बीच सबसे बड़ी समस्या दक्षिण चीन सागर ही बना हुआ है| सम्मेलन की शरुआत में सम्मेलन के आयोजक फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने कहा कि वर्तमान समय में हिँसा और आतंकवाद का ख़तरा इस क्षेत्र पर मड़रा रहा है| उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट से आईएस के खात्मे के बाद वह अन्य क्षेत्रों में अपने पैर पसार सकता है| समुद्री डकैती और ड्रग तस्करी भी एक बड़ी समस्या है| उतर कोरिया को भी एक चैलेंज माना गया| आसियान देशों का कहना था कि अभी इन समस्याओं से निपटने के लिए कई मुल्कों ने द्विपक्षीय समझौते कर रखें हैं पर यदि सब मिलकर इनका सामना करें तो बेहतर होगा| आसियान ने पर्यावरण संकट को लेकर भी चिंता जताई है| उसने विकसित देशों से अनुरोध किया कि पर्यावरण को बचाने के विश्वव्यापी अभियान के लिए जो वादे उन्होंने कर रखें हैं उन्हें भूले नहीं|

#12वा पूर्वी-एशिया शिखर सम्मेलन 12th East Asia Summit

12वा पूर्वी-एशिया शिखर सम्मलेन 14 नवम्बर को मनीला, फिलीपींस में सम्पन हुआ| यह आसियान देशों के सम्मेलन के बाद किया जाता है| इसमें इसके सदस्य देशों भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रूनेई, कंबोडिया, चीन, इंडोनेशिया, जापान, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, रूस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और वियतनाम के राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया| सम्मेलन में आतंकबाद पर गंभीरता प्रदर्शित करते हुए मनीलांडिंग व आतंकबाद को वित्त पोषण के खिलाफ अलग से घोषणापत्र जारी किया गया| सम्मेलन में दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रुख का मुद्दा प्रमुखता से उठा| वियतनाम, फिलीपींस और ब्रूनेई जैसे देशों का दावा चीन के दावे के उलट है| इन देशों ने सभी पक्षों के लिए दक्षिण चीन सागर में क़ानूनी रूस से अनिवार्य आचार संहिता की मांग की| सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहा कि समुद्री कानून से सबंधित 1982 के संयुक्त राष्ट्र समझौते समेत अन्तराष्ट्रीय सिद्धांतो के मुताबिक दक्षिण चीन सागर में परिवहन की आजादी और संसाधनों तक पहुँच का सबको अधिकार होना चाहिए| उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र हाइड्रोकार्बन का बड़ा स्त्रोत है| चीन इसका विरोध कर रहा है| उसका कहना है कि वह द्विपक्षीय तंत्र के जरिये सम्बंधित देशों के साथ इस विवाद को सुलझा लेगा|

#एपेक शिखर सम्मेलन APEC Summit

25वा एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मलेन 10 नवम्बर को वियतनाम के दनांग शहर में सम्पन हुआ| सम्मलेन में एपेक के सभी 21 सदस्य देशों ने भाग लिया| इसके अलावा विभिन देशों के 10 हजार प्रतिनिधियों और प्रमुख कंपनियों के 2 हजार सीईओ ने भी इसमें हिस्सा लिया| सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उतर कोरियाई शाशक किम जोंग उन की फंतासियों की वजह से पूरा एशिया प्रशांत क्षेत्र बंधक बन चूका है| उन्होंने प्योंगयांग के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होने का अवाहन किया|

#अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एशियाई दौरा US President Donald Trump’s Asian Tour

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 5 से 14 नवम्बर तक पांच एशियाई देशों जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और फिलीपींस के अपने पहले एशियाई दौरे पर रहे| लगातार मिसाइल परीक्षण करके अमेरिका को हमले की धमकी देने वाले उतर कोरिया की घेराबंदी के लिए यह दौरा अहम् रहा|

#जिम्बाबे में सत्ता परिवर्तन Power Change In Zimbabwe

आजादी के 37 साल गुजारने के बाद दक्षिण अफ्रीका देश जिम्बाबे में 24 नवम्बर को नई सत्ता का आगाज हो गया है| हरारे के नेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित समारोह में एमर्सन नंगाग्वा ने हजारों लोगों और गणमान्य अतिथियों के समक्ष राष्ट्रपति पद की शपथ ली|

#आंद्रेज बेबीस बने चेक गणराज्य के नए प्रधानमंत्री Andreas Bebis Becomes New Prime Minister of Czech Republic

चेक गणराज्य के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति आंद्रेज बेबीस 4 नवम्बर को देश के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं| 20 और 21 अक्टूवर को हुए चुनावों में उनकी एएनओ पार्टी को सबसे ज्यादा सींटे मिली थीं| अरबपति बेबीस के चुनाव से यूरोपीय देश संशकित हैं| स्लोवानियाई मूल के बेबीस अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की तरह व्यवसायी है और एग्रोकेमिकल व्यवसाय के महारथी है| उनके व्यवसाय की शरुआत सोवियत संघ के विघटन से हुई थी|

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