गर्भावस्था के दौरान खून की कमी से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें

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National Health Mission Department of Health and Family Welfare Himachal Pradesh

गर्भावस्था के दौरान (During Pregnancy) अगर खून की कमी का इलाज नहीं किया जाए, तो यह माताओं और नवजात शिशुओं (Mothers and Newborns) के लिए गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है| अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र (Closest Health Center) से संपर्क करें और खून की कमी की जाँच तथा इलाज करवाएं|

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश

National Health Mission Department of Health and Family Welfare Himachal Pradesh

क्या करें: खून की कमी की समय से पहचान और उपचार के लिए हर प्रसव पूर्व जाँच के दौरान खून की जाँच (Blood Test) जरूर करवाएं|

क्या करें: सुनिश्चित करें कि आप गर्भावस्था के चौथे महीने से लेकर प्रसव के 6 महीने बाद तक हर दिन एक आयरन और फोलिक एसिड (आई.एफ.ए) की गोली जरूर खाएं| उत्तम प्रभाव के लिए आई.एफ.ए की गोली (IFA Tablet) रात को सोने के समय खाएं|

क्या करें: अगर आपको खून की कमी है तो, आपको दो आई.एफ.ए गोली रोज खाने की सलाह दी जाएगी, जिसमें एक गोली सुबह और एक गोली रात को खानी होगी| अगर आपके एच.बी स्तर में सुधार नहीं होता है, तो कृपया तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें| आपकी जाँच में गंभीर खून की कमी निकली हो तो आवश्यकता के अनुसार आयरन के इंजेक्शन (Iron Injection) लेने खून चढ़ाने की सलाह दी जाएगी|

क्या करें: आयरन के सेवन में सुधार लाने के लिए लोहे के बर्तन में खाना पकाना चाहिए| विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ आयरन के अवशोषण में मदद करते हैं| संतरा, नींबू, आंवला, सेब, नाशपती जैसे फलों में विटामिन सी की मात्रा अधिक होती हैं|

क्या करें: सुनिश्चित करें कि आप स्वच्छ और सुरक्षित पानी ही पिएँ, जो फ्लोराइड से दूषित न हो| फ्लोराइड आयरन (Fluoride Iron) के अवशोषण में बाधा डालता है|

क्या करें: किसी भी तरह का संक्रमण आयरन (Transition Iron) के अवशोषण में बाधा डालता है| खाना पकाने, खाने व बच्चे को खिलाने से पहले, शौचालय जाने और अपने बच्चे तथा पशुओं का मल साफ करने के बाद हाथों को साबुन से जरूर धोएं|

क्या करें: कृमि संक्रमण (Worm Infection) से होने वाली खून की कमी को रोकने के लिए हमेशा शौच के लिए शौचालय का ही इस्तेमाल करें, चप्पल या जूते जरूर पहनें, फलों और सब्जियों को खाने से पहले धोएं और कृमिनाशक गोली का सेवन करें| कृमिनाशक की गोली का सेवन गर्भावस्था की पहली तिमाही के बाद (विशेषत: दूसरी तिमाही के दौरान) करना चाहिए| कृमिनाशक की गोली (Insecticide Pill) प्राप्त करने के लिए अपनी गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में ए.एन.एम आशा वर्कर से संपर्क करें|

क्या करें: मलेरिया और अन्य बीमारियों की रोकथाम (Prevention of Diseases) के लिए मछरदानी का प्रयोग करें, ताकि खून की कमी से बचा जा सके|            

क्या ना करें: आयरन की गोली को खाली पेट न खाएं| चाय, कॉफ़ी, दूध या दूध से बने उत्पादों को आयरन की गोली (Iron Pill) के साथ न लें, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण (Iron Absorption) में बाधा डालते हैं| भोजन करने के तुरंत बाद चाय कॉफ़ी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि यह आपके भोजन में आयरन के अवशोषण में बाधा डालता है|

क्या ना करें: अगर आपको मतली या काला मल जैसे दुष्प्रभाव लगे, तो बिना अपने डॉक्टर से परामर्श लिए आई.एफ.ए. की गोलियाँ खाना बंद न करें| आई.एफ.ए. और कैल्शियम की गोलियां (Calcium Tablets) एक साथ न खाएं| इन दोनों गोलियों के सेवन में कम से कम 2 घंटे का अंतर होना चाहिए|

आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ है, हरी पत्तेदार सब्जियां और फल (Green Leafy Vegetables and Fruits), कलेजी, अंडा, मछली, मांस, अनाज गेहूं, ज्वार, बाजरा, अंकुरित दाले, मूंगफली, तिल, गुड़, सूखे मेवे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश

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