हिप्नोटिज्म का प्रयोग (हिप्नोटिज्म अपने असली रूप में)

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Using Hypnosis In Its True Alloverindia.in

Using Hypnosis In Its True

इस Article को लिखने का हमारा कार्य केवल इतना ही था कि वे लोग जो इस विद्या के बारे में नहीं जानते उनको इसका सही ज्ञान दिया जाए। इस विद्या का प्रयोग केवल मानवता की भलाई के लिए ही किया जाए तो अच्छा है। कुछ लोगों को हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के नाम पर व्यापार करते देखा जाता है तो बहुत दुःख होता है। विशेष रूप से इसे तंत्र विद्या के साथ जोड़ने वाले लोग इसका गलत प्रयोग करते हैं।



वास्तव में हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का प्रयोग तीन चीजों के लिए होता है :- 

  1. रोगों तथा बुरी आदतों के उपचार के लिए।
  2. ऑपरेशन के समय रोगी को पीड़ा से बचाए रखने।
  3. मनोरंजन के लिए।

यदि आप केवल मनोरंजन के लिए हिप्नोटिज्म (Hypnotism) करना चाहते हैं तो ऐसे रास्तों को चुन लें जिससे किसी दूसरे को नुकसान न हो। हाँ, यदि आप इसे मानव सेवा का साधन मानकर चलना चाहते हैं तो फिर मनोरंजन की ओर ध्यान ही न दें। क्योंकि यदि तांत्रिक शक्तियों चक्कर में फँस गए तो आपकी ओर कोई मुँह भी नहीं करेगा और  प्रकृति के शत्रु के रूप में देखे जाँएगे।

यदि आप जनता की सेवा के लिए ही हिप्नोटिज्म (Hypnotism) प्रयोग करना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखकर चलें

आम लोगों के सामने कभी भी अपना परिचय तांत्रिक के रूप में न करवाएँ। बहुत से लोग काले कपड़े पहन हाथ में माला ले, जादू का डंडा घुमाते हुए जादूगर की भाँति चलते दिखाई देते हैं। हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के नाम पर तावीज़ देना, मन्त्र फूकना, यह सब एक ढोंग है। इससे कोई लाभ नहीं।

स्थान कैसा हो ?

एक अच्छे सफल, हिप्नोटिस्ट (Hypnotist) के लिए यह जरुरी है कि वह अपने लिए ऐसा स्थान चुने जहाँ पूर्ण शांति हो। किसी प्रकार का शोर न हो। आपके पास दो कमरे होने चाहिए। एक तो प्रतीक्षा करने वालों का और दूसरा जिसमें रोगी लेट सके। एक आराम कुर्सी या सोफ़ा सेट होना चाहिए। एक ऐसी डायरी अथवा नोट बुक हो जिसमें आप रोगी का पूरा रिकार्ड रख सकें। किसी भी युवा नारी को एकांत में हिप्नोटाइज (Hypnotize) न करें क्योंकि कई बार शत्रु वर्ग आपकी सफलता से जलकर बदनाम करने के लिए किसी नारी को आपके पास भेजकर यह दोष आप पर मढ़ सकता है कि आपने उस औरत के साथ दुर्व्यवहार किया है। इस प्रकार की कई घटनाएँ इतिहास में हो चुकी हैं।

रोग और उनका उपचार

पिछले पृष्ठों में आपको यह बताया चुका है कि मानव शरीर के अंदर कैसे – कैसे रोग जन्म लेते हैं। अब आपको उन रोगों के उपचार के बारे में बताया जा रहा है।

जहाँ तक मनोवैज्ञानिक (Psychological) का सम्बन्ध है वह  विषय होते हुए भी हिप्नोटिज्म (Hypnotism) से जुड़ा हुआ है। हो सकता है आप में से बहुत से लोग मनोवैज्ञानिक (Psychological) शिक्षा के बारे में न जानते हों। उंनके लिए  वैसे तो इस विषय पर अलग से ज्ञान प्राप्त करने की जरुरत है किन्तु फिर थोड़ा बहुत यहाँ पर बता रहा हूँ ताकि वे हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या के बारे में ज्ञान प्राप्त करते हुए चौंक न जाएँ।

हमारे मस्तिष्क (Brain) रोगों में ऐसे रोग हैं जिन पर हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का कोई प्रभाव नहीं होता। ऐसे ही बहुत  हैं जो मनोवैज्ञानिक (Psychological) चिकित्सा से ठीक नहीं होते परन्तु हिप्नोटिज्म (Hypnotism) से ठीक हो जाते हैं।

हिप्नोटिज्म (Hypnotism) की शक्ति से हम किसी भी ऐसे रोगी को इस प्रकार से मस्त कर देते हैं कि वह अपने अस्तित्व को भूल जाता है और वह अपने रोग को भूलकर कुछ क्षणों के लिए अपने आपको शांत महसूस करता है। उसका मन शांत होकर कष्ट मुक्त होकर जीवन के उस आनंद की ओर आ जाता है जिसे वह खो चुका होता है।

इस संसार में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रोगी होते हुए भी रोग से मुक्ति पाने का प्रयास ही नहीं करते। अनेक रोगों को अपने शरीर में उठाए फिरते हैं। ऐसे रोगियों के लिए हिप्नोटिज्म (Hypnotism) एक अच्छा उपचार माना जाता है। हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का यह कार्य नहीं है कि वह रोगी को यह बताए कि आपके रोग का कारण क्या हैं? बल्कि हिप्नोटिज्म (Hypnotism) रोगी के शरीर में इतनी शक्ति भर देता है कि वह किसी भी रोग का मुकाबला करने की शक्ति रखता है। वह हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के द्धारा आदेश भी दे सकता है। उसमें कई बार हम यह भी कहते है कि अपने प्रेमी को भूल जाओ। वह इस योग्य ही नहीं कि आप उसे याद रखें।

इसका परिणाम यह होता है कि वह अपने प्रेमी को भूल जाता है। हिप्नोटिज्म (Hypnotism) को हम एक बिना काट – पीट का ऑपरेशन कह सकते हैं। जिसके द्धारा रोगी के मस्तिष्क (Brain) से हम किसी भी चीज़ को निकालने में सफल हो जाते हैं। इसके द्धारा रोगी खून – खराबे और चीर – फाड़ से बच जाता।

कुछ लोगों ने हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के प्रारंभिक समय में इसका मज़ाक भी उड़ाया। इस विषय के विद्धानों को पागल तक भी कहा गया। किसी ने ठीक ही कहा है कि -“जादू वह जो सिर चढ़ कर बोले।” हिप्नोटिज्म (Hypnotism) ने ऐसे अनेक रोगियों को ठीक कर दिया जिन्हें डॉक्टरों ने जवाब देते हुए यह कह दिया था कि -“यह रोग ठीक करना हमारे बस में नहीं।” ऐसे समय में हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का जादू चल गया। धीरे – धीरे लोग इस उपचार की तरफ तेजी से दौड़ने लगे। विशेष रूप से जर्मन, (German) फ़्राँस, (France) अमेरिका, (America) इग्लैंड (England) जैसे देशों में तो हिप्नोटिज्म (Hypnotism) चिकित्सा की सफलता ने पूरे विश्व में एक हँगामा खड़ा कर दिया।

एक बात याद रखें कि हिप्नोटिज्म (Hypnotism) चिकित्सा से केवल वही लोग ठीक हो सकते हैं जो दिमागी तौर पर रोगी न हों। इसका सीधा अर्थ है – पागल अथवा मंद बुद्धि वाले लोगों पर हिप्नोटिज्म (Hypnotism) की सफलता संभव नहीं। अब में अपने उन पाठकों को यह सलाह देना जरुरी समझता हूँ जो कि हिप्नोटिज्म (Hypnotism) के डॉक्टर बनना चाहते हैं। वे लोग किसी ऐसे रोगी का उपचार अपने हाथ में न लें जो पागल या मंद बुद्धि हों।

कमजोर दिल अथवा दिल के रोगी पर कभी भी हिप्नोटिज्म (Hypnotism) का प्रयोग न करें क्योंकि जब उस रोगी को हम शून्य काल में पहुँचा देंगे तो उसके खून का दौरा बंद होने का डर रहता है। इसलिए सर्वप्रथम रोगी के हृदय  में पूरी जाँच – पड़ताल कर लें।