प्रौद्योगिकी विधेयक 2016, नौसैनिक डिटैच्मेंट का उद्घाटन, शहरी प्रबंधन कार्यक्रम

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Beti Bachao, Beti Padhao read at alloverindia.in website

क्षेत्रीय केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी विधेयक 2016 लोकसभा में पारित: लोकसभा में 25 अप्रैल को क्षेत्रीय केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी विधयेक 2016 पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देस्य फरीदाबाद (हरियाणा ) स्थित इस केंद्र को वैधानिक दर्जा प्रदान करना है। इस विधेयक में जैव- प्रौद्योगिकी और सम्बंधित क्षेत्रों में शिक्षण और अनुसन्धान, सार्क क्षेत्र और एशिया में प्रासयोगिकी और ज्ञान के हस्तांतरण की सुविधा उपलब्ध करना है। भारत ने यूनेस्को के सदस्य देशों को सेवा प्रदान करने के लिए यूनेस्को के साथ वर्ष 2006 में समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर किये थे।  इसी के अंतर्गत केंद्र सर्कार ने फरीदाबाद में वर्ष 2009 क्षेत्रीय केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी प्रसिक्षण एवं शिक्षा केंद्र की स्थापना की।

एन्द्रोथ द्वीप में नौसैनिक डिटैच्मेंट का उद्घाटन

लक्षद्वीप के एन्द्रोथ द्वीप में 26 अप्रैल, 2016  को नौसैनिक डिटेचमेंट का उद्घाटन किया गया। नौसैनिक डिटेचमेंट की स्थापना से नौसैनिक  ई निगरानी क्षमता में वृद्धि होगी और सामुद्रिक सुरक्षा को सुदृढ़ता मिलेगी। एन्द्रोथ द्वीप में नौसैनिक डिटैच्मेंट की स्थापना से नौसैनिक की उपस्थिति होने के साथ-साथ मुख्य भू-भाग से संपर्क में वृद्धि, रडार निगरानी सहित सामूहिक संचार (एसएलआईसी) निगरानी तथा इसे एक स्वतंत्र संसथान के रूप में कार्य करने में सक्षम बनायेगी। अरब सागर में लक्ष्यद्वीप और मिनीकॉय द्वीप सामरिक महत्व के स्थान हैं। इन द्वीपों  के समीप से कई शिपिंग लेन गुजरती है, जिसका रियल इमे निगरानी आवश्यक है।

नीति आयोग द्वारा ‘शहरी प्रबंधन कार्यक्रम’ का शुभारम्भ

नीति आयोग ने 27 अप्रैल, 2016  को शहरी प्रबंधक कार्यक्रम (यूएमपी) का शुभारम्भ किया।  इसे शहरी स्थानीय निकायों के क्षमता सृजन और प्रभावोत्पादकता बढ़ाने के उद्देस्य से शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम की रुपरेखा नीति आयोग एवं सिंगापूर सहयोग उद्दम (एससीओ) द्वारा तैयार की गई है।  इसका मुख्य उद्देश्य शहरी समस्याओं के कारगर समाधान ढुंढने के लिए, राज्य सरकारों एवं शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के क्षमता सृजन के लिए सिंगापूर की विशेषज्ञता का लाभ उठाना है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में शहरी आबादी की सम्भावना है।

कृषकों की आय को दोगुना करने के लिए ‘अशोक दलवई समिति’ का गठन

वर्ष 2022 तक देश के कृषि क्षेत्र में संलग्न लोगों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अप्रैल, 2016 में अशोक दलवई की अध्यक्षता में एक अंतर-सरकारी समिति का गठन किया गया। अशोक दलवई लरीसा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के ऑड और कार्यरत हैं। अशोक दलवई समिति का मुख्य उद्देस्य देश की कृषि नीतियों को उत्पादन आधारित के स्थान पर आय आधारित अथवा मूल्य संवर्दन आधारित करने के लिए एक उपयुक्त ढाँचा तैयार करना है। यह कृषि क्षेत्र में संलग्न लोगो की आय को दोगुना करने के उपाय से सम्बद्ध सुझाव सरकार को उपलब्ध करायेगी। इसके अतिरिक्त यह अंतर सरकारी समिति भारतीय कृषि क्षेत्र की क्षमता का आकलन यह पता लगाने की कोसिस करेगी की किस स्थानों पर निवेश करने से अधिकाधिक वृद्धि हासिल की जा सकती है। 

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का 61 अतिरिक्त जिलों में विस्तार

केंद्रीय महिला एवं बल विकास मंत्री मेनका गाँधी द्वारा 19 अप्रैल, 2016 को देश के अतिरिक्त 61  जिलों में’ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ (बीबीबीपी) योजना का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर एक पुस्तिका, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ-एक यात्रा का अनावरण किया गया, जिसमे इस योजना के एक वेरस की यात्रा का वर्णन लिया गया है। बीबीबीपी योजना की 11 राज्यों केंद्रशासित प्रदेशों के कम लिंगानुपात वाले 61 अतिरिक्त जिलों में औपचारिक शुरुआत की गयी है। इस योजना को पहले से ही कम बल लिंगानुपात वाले 100 जिलों में संचालित किया जा रहा है। बीबीबीपी योजना की शुरुआत 22 जनवरी, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गयी थी। इन लक्षित जिलों में जन्म के समय लिंगानुपात में 10 अंकों की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।