यौन रोग और हिप्नोटिज्म द्धारा उपचार।

0
158
Depressed young man sitting on bed and having problems with his girlfriend

Sexual Dysfunction and Treatment by Hypnosis

मतौर पर यह धारणा बन चुकी है कि 60 % लोग किसी न किसी रूप में यौन रोग (Venereal Disease) का शिकार हैं। यौन रोग (Venereal Disease) फैलाने अथवा यौन रोगों से पीड़ित करने में सबसे अधिक कार्य तो हमारे देश में विज्ञापन कर्ता डॉक्टरों ने किया है। जब भी कोई नर – नारी नपुंसकता (Female Impotence), आतशक सुजाक, लुकोरिया (सफ़ेद पानी), मर्दाना कमजोरी (Masculine Weakness), धातु रोग, अल्प आयु की गलतियों से पति – पत्नी के गृहस्थ जीवन में दुःख भर दिया है।

इस प्रकार अनेक विज्ञापन निरंतर प्रकाशित होते रहते हैं। यही नहीं कुछ यौन रोग के डॉक्टर – हकीमों ने इस विषय को लेकर विज्ञापन को लोगों तक पहुँचाने के लिए फिल्में भी बना ली हैं। इन फिल्मों को देखकर लोगों के मन में रोग का वहम बैठ जाता है। वहम से बड़ा रोग भला और कौन सा हो सकता है?

केवल धन कमाने के लिए ही कुछ लोग गुप्त रोग विशेषज्ञ बने बैठे हैं। हमारे देखने में ऐसे बहुत से रोगी आए हैं जो वास्तव में रोगी नहीं थे। विशेष रूप से सुजाक के रोगियों को तो इन लोगों ने खूब लूटने का धंधा बना रखा है। शीघ्र पतन – यह कोई रोग नहीं। उसे भी सैक्स रोग बना दिया है।

सुजाक रोग अक्सर बाज़ारी औरतों से साथ संभोग (Sex) करने के कारण होता है क्योंकि वह औरतें तरह – तरह के पुरुषों के साथ सम्बन्ध स्थापित करती हैं। उनमें से कोई न कोई पुरुष ऐसा आ ही जाता है जो ऐसे यौन रोग का शिकार होता है।

इस प्रकार से यह रोग निरंतर बढ़ता है। परन्तु यह कितने आश्चर्य की बात है कि एक ऐसा युवक जो उन बाज़ारी औरतों के पास गया ही नहीं था और इन डॉक्टरों ने उसे भी सुजाक रोग का रोगी बनाकर रख दिया। उसे पेशाब करते समय जलन होती थी। उसने बाजार में यह विज्ञापन पढ़ा जिसमें लिखा था – पेशाब की जलन तथा शीघ्र पतन का उपचार केवल एक सप्ताह में ठीक।

वह बेचारा गुप्त रोगों के विशषेज्ञ के पास गया तो जैसे ही उसने पेशाब की जलन की बात बताई तो डॉक्टर साहब बड़ी रौबदार आवाज में बोले – अच्छा तो आपको सुजाक हो गया है जरूर किसी गलत औरत के जाल में जा फँसे होंगे।

नहीं …… नहीं …… डॉक्टर साहब ! ऐसी कोई बात नहीं है। मैं तो कभी किसी औरत के पास गया ही नहीं। फिर यह रोग ……

झूठ मत बोलो।

मैं झूठ नहीं बोल रहा।

सच भी नहीं है यह।

मैं आपसे अपने उपचार के लिए आया हूँ कि परीक्षा देने। आप मेरा उपचार कर सकते हैं तो कर दें वर्ना ……।”

आपका रोग गुप्त है इसलिए इसका उपचार भी पर्दे में होगा। मुझे केवल पेशाब करते समय जलन होती है। अब आप ही उसे ठीक कर दें।

नहीं, तुम्हें सुजाक है …… सुजाक …… जो बहुत भयंकर रोग होता है जो धीरे – धीरे पूरे शरीर में फैल जाता है। इससे इंसान की मौत भी हो जाती है।

इस प्रकार से उस डॉक्टर ने उस डॉक्टर ने उसके मन में शंका की दीवार खड़ी करके साधाहरण रोग को गुप्त रोग में बदल दिया।

हमारे देश में उतने रोग नहीं जितने वहम हैं जबकि हिप्नोटिज्म (Hypnotism) ऐसे वहमों का खुला विरोध करता है। विशेष रूप से इन गुप्त रोगों का उपचार तो हमारे पास है।

मर्दाना कमजोरी (Masculine Weakness)

बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि मर्दाना कमजोरी अक्सर किसी गहरी उलझन के कारण पैदा होती है जबकि हम इसे रोग मानने के लिए ही तैयार नहीं हैं जबकि हमारे विचार में इस रोग का सम्बन्ध अधिकतर किसी वहम अथवा डर से ही होता है।

उपचार:-

यदि कोई रोगी थोड़ा बुद्धिमान हो तो वह आदेश प्राप्त करके ही ठीक हो जाता है। यदि कोई डॉक्टर उसे हिप्नोटाइज (Hypnotize) करने से यह समझाने में सफल हो जाए कि तुम केवल वहम का ही शिकार हो अन्यथा तुम्हें कोई रोग नहीं है तो भी वह रोगी ठीक हो जाएगा। उसे हिप्नोटिज्म उपचार की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

शीघ्र पतन (PE)

शीघ्र पतन तो पुरे का पूरा कल्पना से भरा हुआ है। वहम और कल्पना का ही यह फल है कि आदमी इस रोग का शिकार हो जाता है। इस रोग के जन्मदाता भी हमारे ये बाज़ारी विज्ञापन छाप डॉक्टर ही हैं। जिस चीज़ को ये लोग शीघ्र पतन का रोग मानते हैं। वह तो हर युवा को जवानी की आयु में ही हो जाता है। जब कोई बर्तन लबा – लब भरा होगा तो वह जरा से ठोकर पर छलकेगा ही। अब आप तो जरूर उसे आप रोग समझे या कुछ और।

यह रोग कब्ज के कारण भी है। स्वस्थ युवकों के अंदर गर्मी अधिक होती है। शरीर की गर्मी से अधिक संभोग की गर्मी पैदा होती तो ऐसे में यदि शीघ्र पतन होता भी है तो उसे रोग क्यों माना जाए।

शीघ्र पतन को लोग नामर्दी से भी जोड़ देते हैं जो अव्वल सिरे से ही गलत है। इन दोनों विचारों का कोई भी आपसी मिलन नहीं है।

हिप्नोटिज्म के डॉक्टर के पास जब कोई ऐसा रोगी आये तो बड़े ध्यान से उसकी बात सुननी चाहिए। उससे यह बात भी पूछनी चाहिए कि उसे बचपन में कोई बुरी आदत तो नहीं थी जैसा कि अक्सर युवकों को यह कहते भी सुना गया है कि-“अपना हाथ, जगन्नाथ।इस प्रकार के युवक अक्सर शीघ्र पतन का शिकार हो जाते हैं। इसमें भी रोग कम और पतन अधिक होता है। बाज़ारी डॉक्टरों का साहित्य पढ़कर वे मजबूर हो जाते हैं कि अब तो उन्हें रोग लग ही गया है।

ऐसे ही एक रोग की कहानी आपको सुना रहा हूँ। जो अपने उपचार के लिए मेरे पास आया तो जब उसकी पूरी कहानी सुनी गई तो उसको नामर्दी का प्रारम्भ उस समय हुआ था जब वह एक वेश्या के पास गया था। जब उसने उस औरत से सम्बन्ध स्थापित कर लिया तो उसने उससे कहा – बस।”

इतनी जल्दी ही तुम लाइन से उतर गए।

क्या करोगे तुम शादी के पश्चात। उसके ये शब्द अँगारे की भाँति उसके शरीर पर गिरे। यह तो बहुत बड़ा अपमान था उसकी जवानी का शायद वह अब किसी भी औरत के साथ सम्बन्ध स्थापित करके उसे संतुष्ट नहीं कर सकेगा।

दुर्भाग्य से इस प्रकार के रोगी लगातार परीक्षण करते रहते हैं। जितने भी परीक्षण करते हैं उन्हें असफलता ही होती है। ऐसे रोगियों का तो कहीं भी उपचार नहीं है।

उपचार – 1

ये सारे के सारे रोग एक ही जैसे हैं इसलिए इन के आदेशों का प्रयोग एक ही तरह से किया जाता है। रोगी को अपने सामने वाली कुर्सी पर बैठाकर उसे हिप्नोटिज्म द्धारा मीठी नींद सुलाकर ही।

तुम एक आम इंसान हो

आज के पश्चात तुम्हें कोई सैक्स रोग नहीं रहेगा।

तुम बिल्कुल स्वस्थ हो।

तुम्हारे अंदर कोई कमजोरी नहीं है।

तुम सम्बन्ध स्थापित करते समय डरना मत।

तुम तो एक शक्तिशाली पुरुष हो।

जब तुम जागोगे तो अपने अंदर एक नई शक्ति पाओगे। हाँ …… हाँ …… तुम अपने में विश्वास पैदा करो…….. विश्वास दृढ़ विश्वास …… यही विश्वास तुम्हें सफलता दिलाएगा।

बस इसके पश्चात रोगी को जागने का आदेश दें। वैसे तो एक ही बार में हिप्नोटिज्म से रोगी ठीक हो जाते हैं। यदि ऐसा सम्भव न हो पाये तो उसे दूसरे दिन बुलाकर उसका उपचार कर सकते हैं।

उपचार – 2

कुछ लोग ऐसे भी रोगी होते हैं जो अपनी पत्नी से नफ़रत करते हैं। ऐसे लोगों के बारे में पहले से पूछकर तभी उपचार शुरू करें। यदि कोई नफ़रत के कारण नपुसंक हो गया हो तो उसकी इस नफ़रत को प्रेम में बदलने का प्रयास करें। जब तक उसके मन से नफरत की भावना दूर नहीं होगी। तब तक आपका हर उपचार बेकार रहेगा।

औरतों के गुप्त रोग (Women Venereal Disease)

हमारे देश में औरतें गुप्त रोग या सैक्स रोगों का उपचार करवाने के लिए बहुत कम आती हैं,इसलिए उनके बारे में अधिक लिखना बेकार है।

दौरे (हिस्टीरिया) Tour (Hysteria)

हिप्नोटिज्म के डॉक्टरों के पास जब भी कोई ऐसी औरत आती है जिसे दौरे पड़ते हों तो बहुत से लोग यही कहेंगे कि इस पर किसी भूत की छाया पड़ गई है अथवा किसी ने इस पर जादू – टोना कर दिया है। सत्य बात है कि इस मामले में लोग वहम का शिकार अधिक हो गए हैं।

भूतप्रेत, जादूटोने यह सब किसने पैदा किए हैं?”

केवल मानव के अपने वहम् ने। यह बात आपको पहले भी बताई जा चुकी है। अब एक बार फिर बता रहा हूँ कि वहम से बड़ा कोई रोग नहीं कोई भी रोगी आपके पास आता है सबसे पहले उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करें ऐसी किसी भी भी औरत का एकांत में उपचार न करें। ऐसी औरतें अधिकतर गहरी उलझन का शिकार होती हैं। इन्हें शादी हो जाने के पश्चात भी यह दौरे पड़ते रहते हैं।

कुछ रोगी ऐसे भी होते हैं जिन्हें यह दौरे शादी के पश्चात पड़ने शुरू होते हैं। ऐसे रोगियों का रोग शादी पश्चात लगने वाली किसी ठोकर से शुरू होता है। जैसे कि उसका पति उससे नफ़रत करता हो अथवा उसका चक्कर किसी दूसरी औरत से चल रहा हो या फिर घर के अन्य उस पर अत्याचार किए जाते हों।

ऐसे कुछ और भी कारण हो सकते हैं। अब आप यानि हिप्नोटिज्म के डॉक्टर के लिए यह बात बड़ी जरुरी हो जाती है कि ऐसे रोगियों का उपचार बड़ी होशियारी से करें। यह ध्यान रहे कि औरत का विषय तो पहले से ही गंभीर चला आ रहा है यदि उसे पागलपन के दौरे पड़ते हों तो वही चरितार्थ होगा -“एक करेला दूसरा नीम चढ़ा।

अब जा भी है उपचार तो आपने करना ही है। इसे तभी शुरू करें जब आपकी रोगिणी अपने पूरे होश में हो तभी आप उसे हिप्नोटाइज करें। यदि उसे दौरा पड़ा हुआ है तो उसके ठीक होने की प्रतीक्षा करें।

आओ करें उपचार (Come Treatment)

पहले तो उसे आदेश देने की क्रिया शुरू करें। जब वह आपके उपचार से नींद में आ जाए तो उससे यह कहना प्रारम्भ करें-“तुम आज के बाद कभी दौरा नहीं पड़ेगा।

यदि रोगिणी यह कहती है कि -“मुझे कोई भूत या परी नजर आती है।

तो फिर उससे कहें -“तुम चिंता मत करो। आज के बाद वह तुम्हें कभी नजर नहीं आएगी अब उससे डरना छोड़ दो मैंनेउसे भगा दिया है। अब तुम्हारे मन का सारा बोझ हट चुका है। मैंने भूत को दूर भगा दिया है जो तुम्हें तंग करता था।अब वह कभी नहीं आएगा। अब चिंता छोड़ दो। अब डरना छोड़ दो। जैसे ही तुम जगोगी तो अपने आपको निरोगपाओगी। तुम्हारी खोई हुई ख़ुशी वापिस जाएगी। तुम इस बात को भूल जाओ कि तुम कभी बीमार थी। तुम खूबहँसा करो।

समझ लो कि तुम्हारे अंदर के भूतों को मैंने आज मर डाला है। I Take It Then That You Died Today Highlighted The Ghosts.

बस फिर उसे धीरे – धीरे होश में लाने का प्रयास करें – “जागो…. जागो। तुम्हारे जीवन की नई सुबह हो गई। जब रोगिणी अपना होश संभाल ले तो उसके माँ – बाप से कहें कि वह उसकी शादी कर दें। यदि वह शादी शुदा है तो उसके पति से कहें कि वह इसे अधिक से अधिक प्यार दे। उसे एकांत में न बैठने दे और न ही मन पर किसी प्रकार का बोझ डाले।

पढ़ने के बाद आप इस वेब पेज को अपने मित्रों के साथ शेयर करना ना भूले। आप हमें फेसबुकट्विटर, गूगल प्लस, पिंटरेस्ट, लिंकेडीन और रेडिट पर फॉलो कर सकते हैं।