विश्वास की शक्ति (POWER OF CONFIDENCE)

0
105
POWER OF CONFIDENCE alloverindia.in

विश्वास की शक्ति (Power of Confidence) ही हमें जीवन की उस सीढ़ी तक ले जाती है जिससे यह दुनिया बेकार सी बहुत छोटी सी लगने लगती है। आप अगर किसी भी धर्म की पुस्तकें पढ़े उनमें केवल एक ही चीज़ नज़र आएगी – “विश्वास” और यह विश्वास अपनी निजी जिंदगी पर हो या मन पर बात एक ही है।



ईश्वर ने कहा है – “मैं इंसानी जीवन नाड़ी के हर समय करीब रहा हुँ। मैं तो तुम्हारी आत्मा (The Spirit) के अंदर हुँ। जब भी तुम मुझे सच्चे मन से पुकारोगे मैं चला आऊँगा।” अब आपने सोचना है कि यह ईश्वर कहाँ है ? यह तो आपका विश्वास है। हम मानते हैं कि हम में आत्म विश्वास (Self-Confidence) है जो हमें अहसास दिलाता है कि ईश्वर है आत्मा में ही परमात्मा है महात्मा बुद्ध ने जब कठोर तपस्या (Austerity) की तो उन्होंने ईश्वर को जिस रूप में देखा वह एक प्रकाश था और उस प्रकाश को ही ईश्वर रूप माना गया।

ईश्वर तो एक अज्ञान महशक्ति (Ignorance Superpower) है। जिसे आज तक किसी ने साक्षात नहीं देखा। फिर भी लोग उस पर पूरा विश्वास करते हैं। ईश्वर को प्रसन्न करके हम अपनी इच्छा पूरी कर सकते हैं। यह विश्वास जब किसी के मन में भर जाता है तो उसमें स्वयं शक्ति पैदा हो जाती है और आत्मा विश्वास से भर जाता है।

दूसरी ओर धर्म ने इन कमजोरियों को देखते हुए उनसे मुक्ति का रास्ता भी बताया है। जैसे कि कोई इंसान जब किसी मंजिल को पा लेता है तो वह यही कहता है कि – “देखो मैंने कितनी बड़ी विजय प्राप्त कर ली है। मैंने तो वह काम कर दिखाया जो दूसरा कोई नहीं कर सकता।” लेकिन जब कभी आपको असफ़लता का मुँह देखना पड़ता है तो आप यही कहते सुनाई देते हैं कि – “भाई यह तो प्रभु की माया है”। इंसान के बस में यह सब कहाँ है? जिस ढंग से वह रखे उसकी इच्छा है।

अब आप स्वयं ही इन दोनों बातों का अंतर देखो। मानव की यह आदत है कि जो कुछ अच्छा किया वह उसने किया और जो बुरा वह प्रभु की कृपा से हुआ। मनुष्य की यह कल्पना कैसी है? अरे भाई ! धर्म ने आपको यह गारंटी कब दी थी कि आपकी हर इच्छा को पूर्ण किया जाएगा।

तुम ईश्वर को प्रशाद चढ़ा दोगे। उसकी आरती करोगे, सत्यनारायण जी का व्रत रखोगे। धर्म नाम पर दान पुण्य करोगे तो आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी। यदि यह सब कुछ सच्च ही हो जाए तो फिर लोग भगवान की उपासना करके सब कुछ प्राप्त कर लें। किसी को काम करने की जरुरत ही न रहे सब काम भगवान ही कर देंगे। एक ओर तो हमें यह पाठ पढ़ाया जाता है कि तुम्हारे कर्मों का ही फल तुम्हें मिलेगा। दूसरी ओर यह कहा जा रहा है कि – “होगा तो वही जो ईश्वर को मंजूर होगा”। “अब आप क्या निर्णयफ लेंगे ?” “भाग्य (Fate) या प्रयत्न, कर्म, कर्ता” भाग्य यदि कुछ है तो वह बनाने से ही बनता है। यदि आप कर्म ही नहीं करेंगे तो भाग्य कहाँ से आप का साथ देगा। कर्म तो एक बीज है जिसे धरती में बोने से ही फल मिल सकता है यदि आप उस बीज को मुट्ठी में बंद करके घूमते फिरेंगे तो फल कहाँ से आएगा। निराशा नाम की किसी चीज़ को अपने पास मत आने दें। अपने अंदर हर समय यह विश्वास भरकर रखें कि मुझे आगे बढ़ना है जो भी काम में करने जा रहा हुँ उस काम में मैं सफलता प्राप्त करके ही रहूँगा।

मेरी सफलता के मार्ग में जो भी बाधा आएगी उसे मैं दूर कर दूँगा। जब तक आपके अंदर यह शक्ति पैदा नहीं होती तब तक सफलता भी नहीं मिल सकती। यह बात मत भूले कि कमजोरियाँ तो हर मानव (Human) में होती हैं लेकिन इन कमजोरियों पर काबू पाने की शक्ति भी प्रकृति ने मानव के अंदर भर दी है। अब कोई भी ऐसा कारण नहीं रह जाता कि आपके अंदर सफलता प्राप्त करने की शक्ति न पैदा हो जाए आपकी तकदीर बदल सकती है। आप ऐसे सफल और महान व्यक्ति बन सकते हैं कि लोग आपके सामने सिर झुकाए खड़े रहें।

आत्म विश्वास (SELF CONFIDENCE)

आत्म विश्वास उस शक्ति का नाम है जो हमें सफलता के उस जीने तक ले जाती है जहाँ से यह दुनिया बहुत तुच्छ सी नज़र आने लगती है। आप इस संसार में किसी भी धर्म की पुस्तकें पढ़ डालें तो उनमें सबसे अधिक यही भावना काम करती मिलेगी – “आत्म विश्वास, विश्वास की भावना (Confidence)।” यह विश्वास आपको अपने ऊपर हो अथवा उस ईश्वर पर जिसे आप अपने शरीर का स्वामी मानते हैं, हम धर्म के विषय को लेकर इस विवाद में पड़ना नहीं चाहते क्योंकि हम केवल हिप्नोटिज्म (Hypnotism) की बात कर रहे हैं जिसका काम है मानव शरीर को रोग – मुक्त करना और वह भी बिना किसी दवाई के।

हम धर्म को ही सब कुछ मानकर बड़े आराम से नहीं बैठे सकते क्योंकि धर्म ही हमें खाने को देगा। एक पुराना उदाहरण  जो आम जनता लेती रहती है -“जिसने दिया तन को, वही देगा कफ़न को।” यह दलील कोई मानने योग्य नहीं। वह आपको क्यों देगा। उसने तो पैदा होने से पहले ही उसका भाग्य लिख डाला। अब उस भाग्य को एक बार तो आप अवसर देंगे ही। इसके पश्चात आपके अंदर आत्म विश्वास की भावना को जन्म लेना होगा। यही आत्म विश्वास आपके सोए हुए भाग्य को जगाएगा।

इस विश्वास की शक्ति से आप दूसरे लोगों को आदेश देंगे और वे सब आपके आदेशों का पालन करेंगे। आपको अपने आप में ऐसी शक्ति को पैदा करना होगा कि हमारे अंदर एक ऐसी शक्ति है जिससे हम अपनी इच्छा के अनुसार सब काम ले सकते हैं। आपको यह भी विश्वास पैदा करना होगा कि उस प्राकृतिक शक्ति (Natural Power) से मानव जाति की सेवा कर सकते हैं। आपको यह विश्वास भी पैदा करना होगा कि मुझे हर हाल में अपनी मंजिल तक पहुँचता है। इस कार्य में जो भी बाधा डालेगा वह मेरा सबसे बड़ा शत्रु होगा।

हर समय आप अपने ही मन की शक्ति पर विश्वास रखें। अपनी त्रुटियों पर लज्जित (Errors Ashamed) होने की अपेक्षा उनको दूर करने का प्रयास करें। किसी भी एक साधाहरण कमज़ोरी को लेकर रोने न बैठें, ठंडी आहें न भरे। इससे तो आपका आत्मविश्वास (Self Confidence) जाता रहेगा। आत्म विश्वास आप के लिए विजय का प्रतीक है। आप हार और निराशा को अपने निकट न आने दें। यह न भूले कि हर इंसान के अंदर कोई न कोई कमजोरी जरुर होती है।

ऐसी कमजोरी (Weaknesses) को दूर किया जाता है न कि उसके कारण दुःखी और निराश होकर अपने काम – काज ही बंद कर दोगे। यदि आप कोई बात पूरे आत्म विश्वास के साथ कहते हैं तो सामने वाले लोग उसे मानने पर मजबूर हो जाएंगे। सत्य बात कहने से कभी भी न डरे। सामने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने आप पर भारी न पड़ने दें। बल्कि अपने ऊपर पूरा विश्वास करके ही अपनी बात कहें। इससे सामने वाला व्यक्ति आपसे इतना प्रभावित होगा कि वह सोचेगा कि आप उससे अधिक प्रतिभा के स्वामी हैं।

आप इंसानों से डरने की बजाय उन पर शासन करने की भावना को अपने मन में क्यों नहीं बसा लेते। यदि आप उन पर शासन नहीं भी कर सके तो भी आपके मन में शासन करने की भावना तो पैदा होगी ही। आपने कभी यह देखा है कि कोई भी अपराधी पुलिस का चेहरा देखते ही भागने का प्रयत्न करता है जबकि उसे तो पुलिस वाले ने कुछ भी नहीं कहा। उसका अपना ही भय उसे अंदर ही अंदर साँप की भाँति डसने लगता है।

यह बात तो सत्य है कि किसी अपराधी के मन में आत्म विश्वास नहीं होता। अपराध तो अपने आप में ही एक डर है। यदि आप हिप्नोटिज्म (Hypnotism) को सीखना चाहते हैं तो सबसे पहले हर प्रकार के अपराधों से दूर रहें और फिर अपने अंदर आध्यात्मिक शक्ति (Spiritual Strength) को जन्म दें। अपने आप में ऐसे गुण पैदा करें कि लोग आपको पवित्र और ज्ञानी समझ कर आपको सम्मान दें। आत्म विश्वास ही एक ऐसी शक्ति है जो हिप्नोटिज्म (Hypnotism) विद्या का ज्ञान प्राप्त करने में सहयोग दे सकती है।