एनडीबी द्धारा नवीकरण ऊर्जा की घोषणा, ‘दक्षिण एशिया वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क’

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Facebook founder Mark Zuckerberg at alloverindia.in

एनडीबी द्धारा नवीकरण ऊर्जा के लिये $811 मिलियन ऋण की घोषणा: बृक्ष देशों (ब्राज़ील, भारत और चीन) के लिये गठित न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) द्धारा अप्रैल, 2016 में भारत सहित चार सदस्य देशों की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिये $811 मिलियन ऋण की घोषणा की गयी। ब्राज़ील, चीन, दक्षिण अफ्रीका और भारत को दिया जाने वाला यह ऋण इस बैंक के द्धारा जारी पहला ऋण होगा। एनडीबी द्धारा जारी इस ऋण में भारत को @250 मिलियन प्रदान किये गए। भारत के लिए प्रदान यह ऋण सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक को प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त ब्राज़ील के एक बैंक, चीन की ऊर्जा कंपनी और दक्षिण अफ्रीका की सर्वाधिक बड़ी विधुत कम्पनी ‘एसकॉम’ को एनडीबी ने ऋण दिया है। एनडीबी द्धारा जारी इस ऋण का मुख्य उद्देश्य इन देशो में नवीकरणीय ऊर्जा परिजयोजना को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से कुल 2370 मेगा वाट ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे लगभग 40 लाख टन ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम होने की सम्भवना है। 

‘दक्षिण एशिया वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क’ को मजूरी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट ने 13 अप्रैल, 2016 को ‘दक्षिण एशिया वन्यजीव परिवर्तन नेटवर्क (एसएडब्लूईएन)’ कानून को अपनाने की स्वीकृति दे दी। इससे संचार, समन्वय, गठवन्धन, क्षमता निर्माण एवम क्षेत्रीय सहयोग के द्धारा अन्तः सीमा वन जीवन अपराध को नियत्रिंत करने के लिये भारत के सदश्य देशों के साथ रिश्ते मज़बूत होंगे। एसएडब्लूईएन आठ दक्षिण एशियाई देशों (अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालद्वीस, नेपाल, पाकिस्तान एवम श्रीलंका) से निर्मित एक क्षेत्रीय नेटवर्क है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय अवैध व्यावपारपर नियंत्रण स्थापित करना और अंत:सरकारी निकाय के रूप में काम करना है। इससे सदस्यों के कानूनों व नीतियों में समन्वय लाने तथा मानकीकरण के प्रयास को बल मिलेगा। इसमें प्राकृतिक जैव-विविधता पर सम्बधित खतरों के रुझान का दस्तावेज तैयार करना और राष्ट्रिय योजनाओं को सम्मलित किया गया है। 

ब्रेकथ्रू स्टारशॉट’ मिशन की घोषणा: न्युमार्क (यूएसए) में 12 अप्रैल, 2016 को ‘ब्रेकथ्रू स्टारशॉट’ मिशन के अंतर्गत अंतरिक्ष में हज़ारों नैनों-क्राफ्ट सूक्ष्म विमान) भेजे जाने की घोषणा की गयी। इस अभियान में ब्रमाण्ड विजहनि स्टीफन यूरी हाकिंग, फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, रूस के अरबपति यूरी मिलनर जैसे विशिष्ट व्यक्तियों की सहभागिता हैं।  ‘ब्रेकथ्रू स्टारशॉट’ मिशन के अंतर्गत भेजे जाने वाले प्रत्येक नैनों-क्राफ्ट में कैमरा और जीपीएस सुविधा होगी।  इससे प्राप्त तस्वीरों के आधार पर इस बात का अध्ययन व विश्लेषण किया जायेगा कि आंतरिक्ष में पृथ्वी जैसे दूसरे ग्रह की उपस्थिति और जीवन सम्भाव्य्य्ता परिकल्पना है या नहीं। ये नैनों-क्राफ्ट तारों के सौरमण्डल (अल्फ़ा सेंचुरी) तक उड़ान भरेंगे, जो पृथ्वी से 25 खरब मील दूर है।  इनकी गति 20% प्रकाश की रफ़्तार के समान है। Rs. 6.65 अरब की लागत आएगी।  इससे ‘एलियन’ परिकल्पना की पुष्टि को आधार मिलेगा। 

‘स्पेस एक्स’ द्धारा अंतरिक्ष यान बस्टर को समुद्र में उतारने में सफलता: यूएसए के उद्दमी इलोन के स्वामित्व वाली निजी अंतरिक्ष कंपनी ‘स्पेस एक्सप्रेस’ 8 अप्रैल, 2016 को प्रक्षेपण में प्रयुक्त बस्टर को समुद्र में उतारने में सफल रही। इस बस्टर को फाल्कन 9 राकेट के प्रक्षेपण के लगभग 2.5 मिनुत के भीतर समुद्र में उतार लिया गया। स्पेस एक्स के फाल्कन 9 राकेट को नासा द्धारा भेजे जा रहे सामान और उपकरणों के साथ अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) के लिए प्रक्षेपित। प्रक्षेपण की विशेष-बात यह थी कि इसमें अपनी तरह की दुनिया के पहले पुनःप्रयोग में सक्षम बूस्टर का इस्तेमाल किया गया। पुनःप्रयोग में सक्षम ऐसे बूस्टरों को समुद्र में उतारने के चार प्रयोग असफल रहे है। एक अनुमान के अनुसार, ऐसे एक बबूस्टर का 10-20 प्रक्षेपणों में पुनःप्रयोग किया जा सकता है। इसमें मामूली मरम्मत के पश्चात् इन्हें 100 प्रक्षेपणों में भी प्रयुक्त किया जा सकता है। इससे अंतरिक्षयानों की प्रक्षेपण लागत में काफी कमी आएगी।