मोदी की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से मिला भगवान विष्णु का सोना। क्या है समाचार।

0
132
Modi gold monetization scheme at alloverindia.in

भारत के मंदिरों में बहुत ज्यादा सोना चांदी इकट्ठा हो चुका है। लेकिन धार्मिक प्रवृत्ति के अनुसार यह चांदी सोना केवल मंदिरों की ट्रस्ट में ही जमा रहता है इसके ऊपर ना तो सरकार अपना हक जमा सकती है। अपनी अपनी श्रद्धा के अनुसार लोगों द्वारा दिया गया यह चढ़ावा केवल मंदिर का है। भगवान के पैरों में अर्पित किया हुआ चढ़ावा है। श्रद्धालु अपनी इच्छा अनुसार या मनोकामना पूर्ण होने के बाद मन से मंदिर में चढ़ावा चढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो सोना गिरवी रखने की स्कीम शुरू की थी यह स्कीम अब सोने का खजाना बन चुकी है। यूं समझ लीजिए कि श्री नरेंद्र मोदी को भगवान विष्णु का सोने का खजाना मिल गया हो। तिरुपति बालाजी मंदिर का 2300 किलो सोना अब सरकारी बैंक में जमा होने वाला है और इस सोने के जमा होने के बाद सरकार को बहुत बड़ा फायदा होगा और भारत की अर्थव्यवस्था बदल सी जाएगी। सोना देने पर तिरुपति बालाजी को ब्याज दिया जाएगा।

अगर तिरुपति बालाजी के ट्रस्ट से 2300 किलो सोना सरकारी बैंक में जाएगा। तो इससे मंदिर के ट्रस्ट को हर साल 40 किलो सोने की कीमत का ब्याज प्राप्त होगा। अगर हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरु की गई इस स्कीम को देखें तो यह एक बहुत बड़ा कदम है। जो लोग अपना सोना बैंकों में रखेंगे उनको फायदा ही फायदा होने वाला है। अगर कोई मंदिर की ट्रस्ट अपने सोने को सरकारी बैंकों में रखेगी तो मंदिर के ट्रस्ट को बहुत ज्यादा फायदा होने वाला है मंदिरों के ट्रस्ट के अधिकारियो को इस स्कीम के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए और यह जो मंदिरों में रुपए पैसा सोना चांदी चढ़ाया जाता है। अगर इसे सरकारी बैंकों में रखा जाए तो इससे हमारे भारतवर्ष को बहुत बड़ा फायदा होगा और हमारी अर्थव्यवस्था बहुत ज्यादा मजबूत बनेंगी यह पैसा भारत की तरकी के भी काम आ सकता है तिरुपति बालाजी का मंदिर भारत वर्ष का सबसे भव्यशाली मंदिर बन चुका है जहां पर सबसे ज्यादा चढ़ावा चढ़ाया जाता है चाहे वह रुपए पैसा हो या सोना-चांदी हो।

Modi gold monetization scheme in india read at alloverindia.in

सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्ट के अधिकारियों ने 45 किलो सोना सरकारी बैंक में जमा करवाने का फैसला कर लिया है। हम बहुत खुश हैं की मंदिर के ट्रस्ट के अधिकारियों ने यह एक बहुत अच्छा फैसला लिया है अगर भारत के सभी बड़े बड़े मंदिर इसी तरह के फैसले लेते हैं तो यह भारत की अर्थव्यवस्था को ही बदल डालेगा लेकिन इसके लिए मंदिर के ट्रस्ट के अधिकारियों ने कुछ शर्ते रखी है जैसे की जब मंदिर को डेवेलप करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ेगी तब सरकार हमें उस जमा किए हुए सोने को इस्तेमाल करने का हक दें।

मंदिरों के ट्रस्ट के अधिकारियों ने इस फैसले को लेते हुए यह दिशा निर्देश दें दिए हैं। कि अगर भारत के हर बड़े मंदिर से सोना-चांदी रूपए पैसा सरकारी बैंक में रखा जाएगा। तो भारत की इकॉनॉमी काफी मजबूत होगी और भारत में कई ऐसे तरकी के कार्य किए जा सकते हैं जिससे भारतवर्ष की तस्वीर ही बदल जाएगी। अगर हम भारत के सभी बड़े मंदिरों की बात करें तो लगभग 3000 टन सोना मंदिरों की ट्रस्ट के पास है। अगर यह सोना सरकारी बैंकों में जमा करवा दिया जाए। तो सरकारी खजाना बहुत मजबूत हो जाएगा। जिससे भारत में बड़े बड़े प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं और इससे भारत की बेरोजगारी को भी खत्म किया जा सकता है। पहल करने वाले मंदिरों में तिरुपति बालाजी और सिद्धिविनायक मंदिर सबसे पहले आते हैं। इन मंदिरों ने सरकारी बैंकों में अपना सोना जमा करवा दिया है। इनके सोने की कीमत तो जो है वही रहेगी और जरूरत पड़ने पर मंदिरों को वापिस भी कर दी जाएगी लेकिन इसके बावजूद मंदिरों को जितना सोना जमा करवाया होगा उसके ऊपर ब्याज भी मिलेगा। तो यह सबसे बड़ी सोच है। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के नाम से शुरु की थी।