विज्ञान और प्रधौगिकी मंत्रालय, ‘मोबाइल ऑनलाइन बैंक’ शुभारम्भ।

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विज्ञान और प्रधौगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विकास निगम (येनआरडीसी) ने 3 मई, 2016 को घर संसोधन रेशम के कीड़ों के रहने के लिए कीटाणुनाशक कमरा तथा उपकरण के वाणिज्यीकरण के लिए मैसर्स नवग्राम रेशम से  शिल्प उपनय कॉर्पोरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, मुर्शिदबाद तथा मेसर्स  दरियापुर ग्रामीण सोसाइटी, कालिया चक (पश्चिम बंगाल) के साथ लाइसेंस समझौता किया। कीटाणुनाशक यह कमरा कपड़ा मंत्रालय के केंद्रीय सिल्क बोर्ड का अंगीभूत अनुसंधान संस्थान केंद्रीय शिल्प अनुसंधान तथा पप्रशिक्षण संस्थान (सीयसआरटीआई), बेहमपुर (पछिम बंगाल) में विकसित किया गया है। यह यूजर अनुकूल और गैर-क्षयकारी कीटाणुनाशक कमरा है और इसमें श्रम, जल, बिजली तथा सुप्रे मशीनों की आवश्यकता नही है। पच्चिम बंगाल, ओडिशा तथा झारखण्ड के सिल्क किसानों में इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। एनआरडीसी की यह पहल मेक इन इंडिया तथा स्टार्ट अप इंडिया मिशन में सहायक है। एनएचपीसी में 11.36% का विनिवेश: केंद्र सरकार द्वारा 26 अप्रैल, 2016 को जल विधुत ऊर्जा उत्पादन में सलंग्न सावजनिक क्षेत्र का उपक्रम जल विधुत ऊर्जा निगम (एनएचपीसी) में 11.36% हिस्सेदारी का विनिवेश किया गया।  वित् वर्ष 2016-17 में केंद्र सरकार द्वारा विनिवेशित यह पहला सार्वजानिक उपक्रम है। एनएचपीसी में यह विनिवेश ऑफ़ फॉर सेल (ओएफएस) प्रणाली के अंतर्गत किया गया है।  इस विनिवेश से केंद्र सरकार को Rs. 2800 करोड़ की आय हुई है। एनएचपीसी में 11.36% के विनिवेश से केंद्र सरकार की इस उपक्रम में हिस्सेदारी घटकर 75% रह गयी है। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान केंद्र सरकार ने विनिवेश के द्वारा Rs. 56500 करोड़ अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। 

पी-2-पी लैंडिंग प्लेटफार्म को येनबीएफसी के रूप में पंजीकृत किया जाने का दिशा-निर्देश

भारतीय रिजर्ब बैंक (आरबीआई) ने 28 अप्रैल, 2016 को जारी प्रस्तावित मसौदा पत्र में यह उल्लेख किया कि पी-2-पी लैंडिंग प्लेटफार्म के कार्यों को केंद्रीय बैंक नियामक प्रणाली के तहत लाने के लिये उन्हें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए। आरबीआई ने अपने इस प्रस्ताव के लिये सम्बंदित पक्षों से 31 मई, 2016 तक फीडबैक तथा सुझाव मांगे है। आरबीआई ने इन प्रस्तावों में कहा कि पी-2-पी लैंडिंग प्लेटफार्म में संलग्न कॉम-कंपनियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिये जरुरी है कि उन्हें उचित नियामक दायरे में लाया जाये।  आरबीआई द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, भारत में पिछले एक साल के भीतर 20 नई ऑनलाइन पी-2-पी लैंडिंग कंपनीओं की  30 के बराबर है। पी-2-पी लैंडिंग प्लेटफार्म व्यक्तियों अथवास व्यवसायों को ऋण प्रदान करने का एक ऑनलाइन प्रचलन है, जिसमें ऋण प्रदातों तथा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों/उपक्रमों में परस्पर सूत्र स्थापित किया जाता है।

आईऐसीएमआर और सन फॉर्मों के मध्य सार्वजानिक निजी साझेदारी की घोषणा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवम परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने 26 अप्रैल, 2016 को स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसन्धान व अन्वेषण को बढ़ावा देने के लिये  आईऐसीएमआर और सन फॉर्मों के के मध्य सार्वजानिक निजी भागीदारी (पीपीपी) की घोषणा की।  यह देश का स्वस्थ्य के क्षेत्र में अनुसन्धान विकास के लिये पहला पीपीपी कार्ययोजना है।  आईऐसीएमआर और सन फॉर्मों की भागीदारी के तहत मलेरिया उन्मूलन  के लिये ‘मलेरिया मुक्त भारत’ परयोजना के गठन की घोषणा की गयी है।  इस परियोजना की शुरुआत मांडला जिला (मध्य प्रदेश) से किया जायेगा।  ‘मलेरिया मुक्त भारत’ परियोजना के तहत सन फॉर्मा मांडला जिले के 2 लाख घरों के लिये 3 से 5 वर्ष की अवधि तक मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाने के लिये राशि उपलब्ध कराएगी।  मांडला मध्य प्रदेश के सर्वाधिक मलेरिया प्रभावित जिलों में से एक है। 

डीबीएस बैंक द्वारा बैंक में पहले ‘मोबाइल ऑनलाइन बैंक’ का शुभारम्भ

डीबीएस बैंक द्वारा 27 अप्रैल, 2016 को भारत में पहला ‘मोबाइल ऑनलाइन बैंक’ का शुभारम्भ किया गया।  इसे डीजी बैंक के नाम से भी जाना जाता है।  डीबीएस में डीजी बैंक के माध्यम से 50 लाख गाहकों तक पुंछ बनाने की योजना बनाई है।  इसमें बैंकिंग की सभी सुविधाएँ 24*7 मोबाइल से उपलब्ध होगी।  मोबाइल ऑनलाइन बैंक गाहकों को बोयमेट्रिक जानकारी और आधार कार्ड की मदद से संचालित किया जायेगा।  इसमें डेबिट कार्ड की सुविधा को भी शामिल किया गया है।  डीबीएस बैंक सिंगापूर का सबसे बड़ा बैंक है।