छोटे छोटे घरेलु बीमारियों के इलाज।

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Little Home Disease Solutions In Hindi alloverindia.in
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Little Home Disease Solutions In Hindi:

खून की कमी (Anemic) विटामिन की कमी के कारण ही शरीर में खून की कमी हो जाती है। अनार का रस खून की कमी को पूरी तरह से दूर करने में समर्थ है, इसलिए ऐसे रोगी सुबह शाम दिन में दो बार अनार का रस पीएं। पागलपन के दौरे (Madness Tour) 20 ग्राम अनार के पत्ते, 20 ग्राम गुलाब के ताजा फूल, इन दोनों को 600 ग्राम पानी में उबाल लें फिर इन्हें बारीक़ कपड़े में छानकर इसमें 25 ग्राम देशी घी मिला लें, और हर रोज नहार मुँह पीते रहने से पागल पण (हिस्टेरिया) के दौरे बंद हो जाएंगे। जिगर की खराबी (Liver Malfunction)  जिन लोगों का जिगर ख़राब हो गया है अथवा बढ़ गया है उन्हें सुबह उठकर नहार मुँह आधा गिलास अनार का रस काला नमक डालकर एक चम्मच पोदीने के रस के साथ एक मास तक निरंतर पीने से ठीक हो जाएगा। भूख लगना (Loss of Appetite) अनार का रस आधा गिलास त्रिफला के साथ सेवन करने से पेट के सारे रोग ठीक हो जाएंगे और भूख भी खूब लगने लगेगी। जिन लोगों को गर्मी अधिक लगती हो वे हर रोज 100 ग्राम अनार के दाने खाएं गर्मी जाती रहेगी।

गुणकारी पपीता (Healthy Papaya) होम्योपैथी नाम केरका पापाया पपीता एक ऐसा फल है जो हमारे पेट रोगों के लिए सर्वाधिक लाभदायक है जो लोग पेट रोगों से अधिक चिंतित हैं अथवा पुराने पेट रोगी हैं उन रोगियों के लिए पपीता वरदान सिद्ध होगा प्रयोग पपीते का एक  पका हुआ फल लेकर उसका बारीक़ छिलका उतार दें फिर उसमें अंदर के काले बीजों को भी निकाल कर फैंक दें , अब इस के छोटे – छोटे टुकड़े काट कर काला नमक, काली मिर्च डाल कर ऊपर से नींबू निचोड़ कर आनंद से नाश्ते के स्थान पर खाएं।  ठीक इस मास तक इसे निरंतर खाते रहने से पेट के सारे रात समाप्त हो जाएंगे। भूख भी खूब लगेगी। पुरानी कब्ज के रोगी तो इसे दिन में तीन बार गाय के दूध के साथ लें तो उन्हें अधिक लाभ होगा।

फालसा (Falasa) गर्मी के कारण जिन लोगों के शरीर में जलन रहती हो और भूख कम लगती हो ऐसे लोगों को पाचन शक्ति भी कम हो जाती है, इसी कारण उन्हें और अनेक रोग भी आकर जकड़ लेते हैं। ऐसे रोगियों के लिए त्रिफला के साथ फालसे का शर्बत सेवन करना बहुत लाभदायक सिद्ध होता है। खून की कमी को दूर करे (To Overcome The Lack of Blood) हर रोज सुबह उठकर 100 ग्राम फालसा गाय के दूध के साथ सेवन करने से खून की कमी दूर ओह जाती है शरीर को नयी शक्ति मिलती है। नकसीर आने पर (Come Hemorrhage) नकसीर आने पर तब छोटी इलायची कुजा मिश्री को कूट पीस कर आधा चम्मच फालसे के शर्बत के साथ एक मास तक खिलाते रहने से यह रोग भाग जाएगा।

अमरुद गुदा रोग और अमरुद (Guava and Guava Anal Disease) यह एक ऐसा रोग है जिसे बताते हुए कुछ लोग काफी संकोच करते हैं परन्तु डॉक्टरों के सामने कैसा संकोच? यदि आप डॉक्टर से ही संकोच करेंगे तो आपका इलाज ही कौन करेगा? इसलिए मैं हर रोगी को यही सलाह देता हूँ कि वे रोग के बारे में अपने वैध हकीम या डॉक्टर से कुछ न छुपाएं। गुदा रोग बुरा बहुत रोग है क्योंकि कई लोगों को इस रोग के कारण टट्टी करते समय गुदा को बाहर निकल आने पर काफी कष्ट होता है। इस रोग का इलाज सबसे पहले आयुर्वेद ने निकाला था, अब ऐसे रोगी अमरुद के पत्ते लेकर उन्हें पीस कर चटनी की भाँति बना लें फिर रात को सोते समय गुदा द्धार पर उसका लेप कर के सो जाएं चालीस दिन के इस कोर्स को पूरा करने पर यह रोग जाता रहेगा।

मस्तिष्क के लिए उपयोगी  (Useful For The Brain) जिन लोगों के दिमाग पर अक्सर बोझ रहता है, उन्हें चाहिए कि सुबह शाम दोनों समय 250 ग्राम अमरुद लेकर उसको काटकर छोटे – छोटे टुकड़े बना लें इसके ऊपर काला नमक, काली मिर्च और नींबू का रस डाल कर आनंद से खाते रहें इससे मासिक चिंताएं दूर हो जाएंगी। फोड़े फुंसी तथा खुजली का इलाज (Eruption and Scabies Treatment) चालीस दिन तक हर रोज दोपहर  समय 250 ग्राम अमरुद नमक मिर्च नींबू डालकर खाते रहने  फोड़े फुंसियां दूर हो जाएंगे। पुराने दस्तः संग्रहणी  (Chronic Dysentery) अमरुद के पेड़ की कोमल पत्तियां पानी में उबाल कर उसे छान कर आधा गिलास दिन में तीन चार बार पीने से पुरानी संग्रहणी तथा दस्तों के रोग ठीक हो जाते हैं। यह बात ध्यान रहे कि अमरुद के अंदर टैनिक एसिड होता है जो मानव शरीर के अंदर के घाव भरता है इसलिए पेट की अंतड़ियों के घाव भरने में अमरुद अति उपयोगी है।

नारियल (Coconut) मानव शरीर के लिए जिन फलों का सबसे अधिक योगदान रहा है जिन पर आयुर्वेद को रोग ठीक करने वाले फलों में सर्वाधिक गर्व रहा है उनमें से नारियल भी एक फल है जो अंदर और बाहर दोनों प्रकार से ही उपयोगी है। बालों के लिए सबसे बड़ा टॉनिक (The Greatest Tonic For Hair) अक्सर लोगों को बाल गिरने का रोग लग जाता है वे हजारों रुपए इनके इलाज पर बर्बाद करके भी एक दिन गंजे हो जाते हैं, ;लेकिन लोगों को चाहिए कि बचपन से ही नारियल के तेल की मालिश हर रोज सुबह उठकर और रात को सोते समय किया करें, इससे बालों को शक्ति निलेगी। खुजली (Itch) नारियल के तेल में नींबू का रस निचोड़ कर खुजली वाले स्थान पर मालिश करने से खुजली गायब हो जाएगी।  सिर दर्द  (Headache)  सूखे नारियल की 25 ग्राम गिरी और इतनी कुजा मिश्री सूर्योदय होने से पहले खाने से सिर दर्द बंद हो जाता है।

जबान कटना तथा मुँह के छाले (Cut Off The Tongue and Mouth Ulcers) पान खाने वालों की अक्सर, जीभ कट जाती है मुँह में छाले पड़ जाते हैं, ऐसे रोगियों को 25 ग्राम सूखी नारियल की गिरी में 100 ग्राम मिश्री मिलाकर खानी चाहिए जिससे यह रोग जाता रहेगा। आँखों का उपचार (Eye Treatment) नारियल की सूखी गिरी 25 ग्राम  (शक्कर 60 ग्राम) इन दोनों को मिलाकर दो सप्ताह तक खाने से आँखों के सब रोग ठीक हो जाते हैं। नजर तेज हो जाती है। इमली लू लगना (Tamarind Sunstroke) पकी हुई इमली के गुद्दे की हाथ और पाँव के तलवों पर मालिश करने से लू का प्रभाव कम हो जाता है। रोगी की जान को आया खतरा टल जाता है। फोड़े फुंसी तथा खुजली (Eruption and Itching) 30 ग्राम इमली को एक गिलास पानी में भरकर उसे भिगो दें फिर उसे मथ कर उसके बीज निकाल दें, दिन में दो बार सुबह शाम पीने से फोड़े फुंसिया जड़ से साफ हो जाते हैं।

खजूर खजूर एक ऐसा फल है जिसमें गुण अधिक होते हैं, दोष कम।  आकार में सब से छोटी होते हुए भी अनेक रोगों को नष्ट करती है। दुबले लोगों के लिए (For Frail People) जो लोग शरीरिक तौर पर कमजोर हैं, थोड़ा से काम करने पर साँस फूल जाती है, उनके लिए यह खजूर अति गुणकारी मानी जाती है, यदि इसे गाय के दूध के साथ सेवन करते हैं, उनकी कमजोरी दूर करने के लिए यहाँ खजूर काफी अच्छी होती है। सर्दी के दिनों में 500 ग्राम दूध में खजूर को उबाल कर पीने वालों की मर्दाना कमजोरी दूर हो जाती है।  मधुमेय के रोगी (Diabetics) डॉक्टर जिन मधुमेय रोगियों को मीठा खाने से मना करते हैं उन्हें खजूर खाकर यह कमी पूरी कर लेनी चाहिए, इसके मीठे से मधुमेय के रोगी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

छुहारा बच्चों में पेशाब रोग (Raisins Urine Disease In Children) जिन बच्चों का सोते में पेशाब निकल जाता है उन्हें दो छुहारे हर रोज रात को सोते समय खिलाएं तो बच्चों का पेशाब बिस्तर पर नहीं निकलेगा। बंद आवाज (Sound Off) सोते समय एक छुहारा दूध में उबाल कर खाने से दो घंटे तक पानी न पीएं तो आप का गला साफ हो जाएगा। मोटी आवाज साफ हो जाएगी। कब्ज के लिए (For Constipation) सुबह शाम तीन छुहारे, खाकर ऊपर से गर्म पानी पीएं, यदि छुहारे खाने मेंसख्त हो तो उन्हें दूध में उबाल कर खा सकते हैं, इससे पुरानी कब्ज भी ठीक हो जाती है। बवासीर (Hemorrhoids) हर रोज सुबह शाम एक एक छुहारा ठंडे पानी के साथ खाने से बवासीर रोग ठीक हो जाता है। मोटापा (Obesity) छुहारा नया खून बनाता है। जिससे शरीर में नई शक्ति आती है परन्तु इसके साथ साथ शरीर मोटा भी हो जाता है। इसलिए मोटे शरीर वाले इसका प्रयोग न करें तो अच्छा हो।

वीर्य पतला और शीघ्र पतन (Diluted Semen and Premature Ejaculation) जिन लोगों का शरीर पतला होता है उन्हीं का वीर्य पतला होता है। इन लोगों को चाहिए कि दो छुहारे हर रोज सुबह दूध के साथ खाने से नई शक्ति आती है वीर्य गाढ़ा हो जाता है। खुराक (Dosage) एक सम्पूर्ण आदमी को एक दिन में चार छुहारे से ऊपर नहीं खाने चाहिए क्योंकि इनकी तासीर बहुत गर्म होती है, परन्तु शक्ति बहुत अधिक पाई जाती है।  टमाटर (Tomatoes) यह सब्जी भी है और फल भी। इसकी तासीर न गर्म है न ठंडी। इसलिए हर आदमी इसे हर मौसम में इस्तेमाल कर सकता है।