आने वाले 500 वर्षों में भारत देश के गांव खंडहर में तब्दील हो जायेंगे विश्लेषण

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भारत देश तरक्की कर रहा है आज से 3000 वर्ष पहले भारत में गावों का निर्माण हुआ गांव के लोग केवल गांव के रास्तों से ही आया जाया करते थे तब सड़के नहीं हुआ करती थी| जो लोग भारत में बाहरी देशों से आये हुए थे उन्होंने ने भी अपने आशियानें यहाँ आकर बना लिए थे ज्यों ज्यों लोगों की जरूरतें बढ़ने लगी त्यों त्यों सड़कों का निर्माण गांव के स्तर पर होने लगा और लोग बैलगाड़ी, तांगे का इस्तेमाल करने लगे और भारत सड़क निर्माण की ओर बढ़ने लगा| छोटे छोटे शहरो का निर्माण होने लगा| और लोगों की जरूरतों में भी इजाफा होने लगा| जहाँ बड़े बड़े इलाके खाली पड़े थे वहां पर शहरो का निर्माण होने लगा| लोगों की जिज्ञासा बढ़ने के साथ साथ और अधिक सड़को का जाल धीरे धीरे बढ़ने लगा|

आज 21वी सदी के लोग काफ़ी तरक्की कर चुके हैं लोगों की सोच तब्दील हो चुकी है लोगों की सोच अब गांव से निकलकर शहरो की तरफ हो चुकी है गांव की रूखी हवा अब लोगों को शहरो की धुआँ भरी हवा की ओर आकर्षित कर रही है क्योंकी शहरो में सब प्रकार की सुख सुविधाएं मौजूद हैं| आज के युवा पढ़ लिख कर बड़े बड़े शहरो में नौकरियां कर रहे हैं तो जाहिर सी बात है की युवा अपना ज्यादा समय शहर में ही बिताते हैं जिसकी वजह से उनका दिल वही लग जाता है और वह शादी करके वही रहना पसंद करते हैं माँ बाप ने जो घर गांव में बड़ी मेहनत से बनाये हैं अब उनमे उनके बच्चे केवल त्योहारों के समय ही आते हैं और फिर वापिस अपने शहर के फलैट में लौट जाते हैं|

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गांव में आपके आस पास ऐसे बहुत सारे घर मिल जायेंगे जिनके मालिक कोई दिल्ली, मुंबई, चण्डीगढ़ जैसे शहरो में बस चुके है और कभी कबार अपने गांव के घरों में आते हैं| और वह पुराने घर अब गिराने वाले हैं उन्हें देखने वाला कोई नहीं होगा| गांव में अब केवल वही लोग घर बना रहे हैं जिनकी नौकरी गांव के इर्द गिर्द है या फिर कोई अपना व्यवसाय करते हैं| अपितु युवा लोग अपनी बदलती सोच के कारण शहरो की तरफ भाग रहे हैं| क्योंकी पढ़े लिखें होने के बाबजूद युवा अपने मन में आने वाले विचारों से समझौता नहीं करना चाहते की हम तो पढ़े लिखें हैं नौकरी करके कही बाहर ही घर बनाना चाहते हैं| और हम भी शहरी जिंदगी का मजा लेना चाहते हैं|

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Villages of Himachal

एक सर्वे में हमने पाया की हिमाचल के गांव में जो लोग अध्यापक हैं वह गांव में घर बना रहे हैं लेकिन अगर उनके बच्चे अच्छी तरह पढ़ लिख जाते हैं और कहीं शहरो में नौकरी करते है तो वह अब वही सैटल होने की सोचते हैं या फिर जो हिमाचल के हाइवे हैं उनके आस पास अपने घर बनाते हैं गांव के पुराने घरों में फिर कौन रहेगा और अगर गांव में रहना है तो फिर खेती का काम भी करना पड़ेगा| जिसके कारण लोगों की सोच हीन होना स्वभाविक है| क्योंकी आजकल पैसा कमाना जरुरी है, पैसा बीमारी के इलाज के लिए चाहिए, अच्छा खाना खाने के लिए चाहिए, अच्छे कपडे पहनने के लिए चाहिए, अच्छी गाड़ी खरीदने के लिए चाहिए, पैसा हर जगह चाहिए| और इस पैसे के लिए युवा पढ़ रहे हैं आगे बढ़ रहे हैं|

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तो क्या इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ये कहना गलत होगा की आने वाले 500 वर्षों तक गांव खड़हर में तब्दील हो जायेंगे खास कर वो गांव जहा आज भी सड़के मौजूद नहीं हैं| अगर ऐसे गावों तक सड़क ले जानी है तो इसके लिए सरकार को भारी भरकम खर्च करना पड़ेगा जिसमें समय और लगेगा और इतना इंतजार लोग कर नहीं सकते|

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