कैसे करें छोटी छोटी बीमारियों का इलाज।

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Stomach disease solutions at alloverindia.in
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विटामिनों का खज़ाना ‘डिजायर एंड डायट के लेखक एस. जे गजधर ने लिखा है कि टमाटर में विटामिन (A. B. C) इतनी अधिक मात्रा में होते हैं कि इतने विटामिन संतरे और अंगूर में भी नहीं होते और कमाल की बात यह भी है कि इस के विटामिन गर्म होने पर नष्ट भी नहीं होते। यही कारण है कि हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने  टमाटर का सबसे बड़ा योगदान माना जाता है। टमाटर में विटामिन A सबसे अधिक मात्रा में पाए जाते हैं इसलिए जो लोग इसे कच्चा ही खाते हैं उनके लिए अत्यंत लाभदायक है। हड्डियों और दांतो की मजबूती टमाटर  के अंदर चूने की मात्रा अधिक होती है। वैसे आप की जानकारी के लिए यह बता दूँ कि – 100 ग्राम टमाटर में 0.9 प्रोटीन, बसा 0. 2 ग्राम वसा,  कार्बोहाइड्रेट  3. 6 ग्राम, पोषक तत्व पाए जाते हैं, प्रति 100 ग्राम टमाटर से हमें 20 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।

चूना हमारे स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है। यह टमाटर में अन्य सब्जियों और फलों से कहीं अधिक होते हैं, इसलिए टमाटर हड्डियों, दांतों को मजबूत करने  लिए बहुत जरुरी है। जो लोग अपनी हड्डियों को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं उन्हें चाहिए कि टमाटरों का प्रयोग नहीं करते, उनके स्वास्थ्य के बिगड़ने और कमजोर होने का डर बना रहता है। कब्ज हर रोज 50 ग्राम टमाटर खाने  पुरानी से पुरानी कब्ज चली जाती है। मुँह के छाले जिन लोगों के मुँह में बार – बार छाले हो जाते हों, उन्हें कच्चे टमाटर अधिक से अधिक खाने चाहिए, मुँह  छालों के लिए टमाटर से बढ़िया और कोई औषधि नहीं। टमाटर पानी में मिलाकर कुल्ले करने से भी मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।

मोटापा घटाएं मोटापा कम करने में टमाटर का बड़ा योगदान माना जाता है, क्योंकि इसके अंदर शरीर के विजातीय द्रव्य पदार्थ और आंतो में खाना शरीर से बाहर निकालने की शक्ति टमाटर में खूब होती है, यदि कोई प्राणी नमक प्याज के साथ नींबू निचोड़ कर टमाटर खाता है तो उसका मोटापा कम हो जाता है। चर्म रोग टमाटर खट्टा होता है इसकी खटाई खून साफ करने का कार्य करती है रक्त साफ करने  टमाटर अकेले ही खाना चाहिए यानी कोई चीज़ भी इसके साथ मिलाकर नहीं खानी चाहिए, कुछ सप्ताह तक टमाटर का रस पीने से हर प्रकार के चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। खुजली टमाटर का रस एक चम्मच नारियल का तेल दो चम्मच मिलाकर मालिश करें इसके पश्चात गर्म पानी से नहा लें, खुजली दूर हो जाएगी। पोलियो टमाटर का जूस एक गिलास रोज पीने से पोलियो जैसा भयंकर रोग दूर हो जाता है। कमजोरी दूर करें जो लोग अपने आप को कमजोर समझते हैं उन्हें एक गिलास टमाटर शहद मिलाकर पीना चाहिए।

गाजर से पोषक तत्व सर्वाधिक होते है। गाजर  में सबसे अधिक शक्ति होती है, परन्तु इसके साथ मीठा कभी नहीं खाना चाहिए, शुगर रोगों में गाजर खाना वर्जित है, परन्तु शेष सब रोगों में गाजर खाना लाभदायक है। गाजर की आरोग्य शक्ति निरंतर काम करने से मानव शरीर कमजोर हो जाता है, उसके शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है, उनके लिए विटामिन गाजर से भरपूर मिल जाते हैं, गाजर का रस पीने से पाचन संस्थान मजबूत होता है। गाजर को कच्चा खाने की बजाए यदि इसका रस निकाल कर पिया जाए गो अधिक लाभ होगा। गाजर का रस पीना बहुत लाभदायक है, गाजर के रस का एक गिलास पूर्ण भोजन माना जाता है इसके रस को जो लोग निरंतर पीते हैं उनके शरीर से दूषित और विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिसके कारण बड़े से बड़े असाधारण रोग ठीक हो जाते हैं, यहाँ तक कि कैंसर रोग भी ठीक हो जाता है।

स्मरण शक्ति बढ़ाएं जो लोग  मंद बुद्धि हों अथवा जिनकी बुद्धि कमजोर और स्मरण शक्ति कम हो गई हो उन्हें चाहिए कि सात बादाम खाकर ऊपर से एक गिलास गाजर का सूप पी लेना चाहिए। जिन माताओं को दूध उतरे जिन औरतों के स्तनों से दूध क़म निकलता है, यानी बच्चों के लिए दूध पूरा न होता हो उनके लिए गाजर का रस बहुत उपयोगी माना जाता है। पेट रोग गाजर के अंदर विटामिन बी कम्पलैक्स काफी संख्या में मिलते हैं जो पाचन संस्थानों को शक्तिशाली बनाते हैं। गाजर का रस एक गिलास खाने  पश्चात हर रोग पीने से पेट रोग दूर हो जाएंगे। खीरा खाने से कब्ज दूर होती है। पीलिया बुखार, जलन एवं गर्मी के सारे दोषों का इलाज खीरा कर सकता है। पथरी एवं पेशाब रोग जिन लोगों को पथरी का रोग लगा है अथवा जिनकी पेशाब रुक कर आने का रोग हो उन्हें खीरे का रस हर रोज दो गिलास एक सुबह दूसरा शाम की पीना चाहिए।

घुटनों का दर्द घुटनों अथवा जोड़ों के दर्द के लिए खाने के साथ खीरा हर रोज कम कम 100 ग्राम जरूर खाएं, साथ में लहसुन भी कच्चा खाएं। इससे काफी लाभ होगा। चुकंदर गुणकारी चुकंदर में विटामिन बहुत अधिक संख्या में पाए जाते हैं, जिन लोगों के अंदर रोगों के कारण खून की कमी आ जाती है उनके लिए चुकंदर का रस दिन में तीन बार निकाल कर पीने से सारी कमजोरियां दूर हो जाती है। सिर की जुएं और सिकरी यह रोग औरतों के बालों में अधिक होता है, आप इस रोग का इलाज करने के लिए पहले चुकंदर के पत्ते लेकर उन्हें पानी में उबाल लें फिर उसी पानी से सिर धोएं बस कंघी करते ही सारी जुएं मर कर बाहर आ जाएँगी। आपके बाल रेशमी मुलायम नजर आएंगे।

मासिक धर्म को ठीक करने के लिए आधा गिलास गाजर का रस  चुकंदर  का रस मिलाकर पिलाते रहें सब ठीक हो जाएगा। आयुर्वेद की दृष्टि में पालक हरी सब्जियों में पालक की अपनी विशेषता है इसका कारण यह भी हो सकता है कि इसमें विटामिन से काफी मात्रा में पाये जाते हैं, दूसरा कारण यह भी है कि यह बी बहुत जल्द हजम हो जाती है। वैसे तो पालक में विटामिन A . B . C  तीनों ही पाए जाते हैं। जिन से मानव शरीर को लोहा और कैल्शियम जैसे अनेक पदार्थ मिलते हैं। जिनके सहारे हम अपने जीवन की गाड़ी बड़े आराम से खींच सकते हैं। हमारा शरीर और पाचन शक्ति हमारे शरीर के अंदर पेट पाचन शक्ति का सबसे बड़ा केंद्र है और उससे भी बड़ा केंद्र है हमारी आँते जो सारा पाचन कार्य चलाती हैं। क्योंकि यह दिन रात चलती हैं और अपना कार्य उस समय तक चालू रखती हैं जब तक मानव जीवन चलता है। ‘परन्तु’ आपने कभी यह भी सोचा है कि जो चीज़ दिन रात चलती है उसे कभी आराम की आवश्यकता पड़ती है? ‘नहीं’ आप में से किसी ने कभी भी ऐसी बात सोची न होगी क्योंकि मानव जाति की हो हर चीज़ समय पर प्रकृति ओर से उपहार रूप में मिली हुई है जबकि आज का मानव हर चीज़ को धन के तराजू में तोलता है, हर चीज़ का व्यापार करता है धरती का बंटवारा करके उसने उसे भी टुकड़ों में बाँटा, इन्हीं इन्सानों का बंटवारा करके उसे धर्मों के बंधनों में बांध दिया, और धन की दीवारों के अंदर मानवता की उन आवश्यकताओं को बंदी बना लिया जिसे प्रकृति ने उपहार स्वरूप सृष्टि पर रहते हर प्राणी को दिया था। आज का मानव यह सब नहीं सोचता उसे इन बातों को सोचने का समय कहाँ है?

वह तो यह सब भी नहीं जानता कि प्रकृति ने उसे जो जीवन दिया है उसका तो कुछ  भी मूल्य नहीं लिया यह सब कुछ पानी वायु अन्न जो धरती में ही पैदा होता है सब तो ईश्वर की देन है। इसी अन्न को हम जीवन रक्षक मानते हैं। जिसे हमारा पेट पाचन शक्ति से हमारे शरीर के अंदर रक्त पैदा करता है यही रक्त हमारे जीवन की गाड़ी का ईंधन है परन्तु कभी कभी तो दिन रात चलने वाली इस गाड़ी की सफाई की जरुरत पड़ जाती है। इस सफाई के लिए ही प्रकृति ने अनेक साग सब्जियाँ, जड़ी बुटीयों को धरती पर पैदा किया है। उन सबमें से पालक भी इस ऐसी ही सब्जी है जिस से हमारे शरीर को शक्ति मिलती है और पालक का रस सफाई करके एवं पोषक कर्त्ता है कच्चे पालक के रस में प्रकृति ने हर प्रकार से शुद्धिकारक तत्व रखे हैं। पालक संक्रामक रोग तथा विषाक्त कीटाणुओं से उत्पन्न रोगों से रक्षा करता है, पालक में पाए जाने वाले विटामिन ‘ए’ म्यूकस मंबरंस की सुरक्षा के लिए उपयोगी हैं।