आने वाला है जी एस टी (GST) बिल क्या होगा इस बिल के आने से आइये पढ़े।

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The GST Bill Would Always Be Cheap read at alloverindia.in

अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा जी एस टी (GST) बिल की निंब वर्ष 2000 में रखी गई थी। सबसे पहले यह जानना जरूरी है की जी एस टी (GST) क्या है जीएसटी का मतलब है गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स Goods and Services Tax. जी एस टी (GST) बिल को 6 मई 2015 को राज्य सभा में मंजूरी मिल गई थी लेकिन लोकसभा से पास करवाने के लिए इस बिल में काफी देरी लग गई। देरी का कारण था की केंद्र सरकार को इस बिल के कई मुद्दों पर संशोधन करना पड़ा। देश के अधिकतर राज्य जी एस टी बिल के पक्ष में है लेकिन राज्यसभा से जी एस टी बिल को पास करवाने में भी कई कानूनी दिक्कतें आ रही हैं जिन्हें दूर करने में पूरा प्रयास किया जा रहा है। इन सबके बावजूद जिन राज्यो ने जी एस टी बिल में समर्थन दिया है उन्हें अपनी विधानसभा में भी इस बिल को पास करवाना होगा। राज्यों की विधानसभा से जी एस टी बिल के पास होने के बाद केंद्र और राज्यों के बीच में जी एस टी (GST) कॉउंसिल की स्थापना की जाएगी इसका कारण यह है की यह जी एस टी काउंसिल मैनेजमेंट इस बिल को अंतिम रूप देगी। अगर यह सब जल्द से जल्द हुआ तो नवंबर 2016 में इस बिल का देशभर में लागू होना लगभग तय है और अगर नवंबर तक सभी राज्यों की विधानसभाओं द्वारा यह समर्थन सरकार तक नहीं पहुंचा। तब यह बिल 1 अप्रैल 2017 तक देशभर में लागू किया जाएगा। लेकिन अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जी एस टी बिल को पूरे देश भर में लागू करने में कई प्रकार की कानूनी बाधाएं आएंगी विशेषज्ञों का कहना है कि 1 अप्रैल 2017 तक भी इस बिल को पूरे देश में लागू करना मुमकिन नहीं होगा इसके लिए नवंबर 2017 तक का समय लग सकता है।

जी एस टी (GST) बिल को लागू करने में पिछली सरकारों का योगदान।

वर्ष 2000 में अटल बिहारी बाजपेई की सरकार ने जी एस टी की स्थापना की थी। वर्ष 2007 में कांग्रेस की सरकार में फाइनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम ने 2010 तक जीएसटी बिल को पूरे देशभर में लागू करने का प्रस्ताव रखा था और इसके लिए बीजेपी तथा कांग्रेस दोनों पार्टियों का समर्थन भी था। लेकिन कुछ कारण ऐसे थे कि उसमें राज्यसभा में कांग्रेस का इस बिल के प्रति समर्थन प्राप्त नहीं हुआ और यह बिल पास नहीं हो पाया था। कांग्रेस केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए सभी वस्तुओं पर 1% टैक्स के पक्ष में नहीं थी और अभी भी नहीं है इसी कारण यह बिल देर से लांच होने की संभावना है। लेकिन सरकार ने अब इस 1% टैक्स को बिल से हटा दिया है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार एक डिस्प्यूट अथॉरिटी Dispute Authority का निर्माण करें जिससे केंद्र और राज्य के बीच होने वाले विवादों को सुलझाया जा सके इसके साथ-साथ कांग्रेस की मांग है कि सरकार 18 प्रतिशत का टैक्स विस्थापित कर इसे अंतिम रुप दे इसका सीधा मतलब यह है कि हमेशा के लिए टैक्स देने की दर केवल 18 प्रतिशत ही रहे। ऐसा करने से आने वाले समय में केंद्र सरकार 18 प्रतिशत से ऊपर इसको नाम बड़ा सके। हमें लगता है कांग्रेस के इस समर्थन से अब कांग्रेस पार्टी को पूरा भरोसा हो चुका है। कि अब उनकी पार्टी का केंद्र में लौटना संभव नहीं है इसलिए उनका इस तरह से समर्थन करना जायज़ ही माना जा सकता है परंतु इसके लिए देशभर के लोग कांग्रेस पार्टी को धन्यवाद कहना चाहते हैं।

भारत एक सिंगल टैक्स वाला देश बन जाएगा।

अगर जी एस टी बिल भारत जैसे देश में पारित हो जाता है तो भारत एक सिंगल टैक्स वाला देश बन जाएगा लेकिन आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि जी एस टी में कौन कौन से टैक्स आपसे लिए जाएंगे GST कोई एक टैक्स वसूलने का नाम नहीं है तकनीकी तौर पर जी एस टी के अंतर्गत तीन प्रकार के टैक्स आप लोगों से सरकार वसूलेगी। पहला टैक्स सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (Central Goods and Services Tax) जिसे केंद्र सरकार वसूलेगी। दूसरा होगा (State Goods and Services Tax) गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स जिसे राज्य सरकार वसूलेगी और तीसरा होगा इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (Integrated Goods and Service Tax) जो 2 राज्यों में होने वाले कारोबार पर लगेगा और इस टैक्स से होने वाले प्रॉफिट को दोनो राज्य में बराबर में बांटा जाएगा।

जी एस टी बिल के पारित होने से आम आदमी को क्या फायदा होगा।

हालिया समय में हम लोग अलग-अलग प्रकार की खरीदी जाने वाली वस्तुओं पर 30% से 35% तक टैक्स देते हैं। परंतु जी एस टी बिल के पारित होने के बाद हमें केवल 18 प्रतिशत टैक्स ही देना होगा मतलब आप कोई चीज हिमाचल प्रदेश में खरीद रहे हैं और वही चीज आप दिल्ली में भी खरीद रहे हैं देश के किसी भी कोने में आप कोई एक वस्तु खरीदेंगे उसका मूल्य मात्र एक ही होगा। इसका सीधा सीधा मतलब है एक देश एक टैक्स की नीति लागू होने से देश के किसी भी कोने में हमें एक वस्तु का एक ही मूल्य देना होगा। पूरे देश में सभी सामान एक ही मूल्य पर मिलेंगे। जी एस टी के अंतर्गत आपके मन में यह सवाल जरूर आएगा की जहां सरकार 30% से 35% तक का टैक्स वसूलती है परंतु जी एस टी के अंतर्गत आम आदमी को हर वस्तु पर केवल 18 प्रतिशत टैक्स ही देना होगा तो इसके चलते सरकार को घाटा होगा परंतु ऐसा नहीं है क्योंकि जी एस टी में करदाताओं के लिए ऑनलाइन एंट्री होगी टैक्स देने वालों के लिए पैन कार्ड PAN Card की रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगी जिससे आप अपना टैक्स ऑनलाइन ही भर सकते हैं मतलब जी एस टी के पास होने से बिचौलिए बिल्कुल बेकार हो जाएंगे। जीएसटी के अंतर्गत सभी प्रकार के कारोबारी बिक्री कम दिखाकर टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे।

जी एस टी बिल के पास होने पर आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा।

वर्तमान समय में केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग प्रकार के टैक्स आम लोगों से वसूलते हैं। लेकिन GST बिल के आने के बाद सभी प्रकार के सामान के ऊपर एक ही प्रकार का टैक्स लगेगा। सर्विस टैक्स Services Tax सेंट्रल टैक्स Central Tax सेल्स टैक्स Sales Tax स्टेट सेल्स टैक्स State Sales Tax और वैट VAT जैसे तमाम टैक्स खत्म हो जाएंगे। मौजूदा स्थिति में हमें 30% से लेकर 35% तक टैक्स देना पड़ता है। इसके बावजूद भी कुछ ऐसे समान है जिनके ऊपर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हमें 50% तक टैक्स भरना पड़ता है परंतु जी एस टी के आने के बाद यह केवल 18 प्रतिशत ही रह जाएगा। और इसमें कोई भी अदृश्य टैक्स नहीं होगा। जी एस टी के आने से टैक्स का ढांचा बहुत ही आसान हो जाएगा और ऐसा होने से मैन्युफैक्चरिंग पर होने वाला खर्चा और समय दोनों की बचत होगी। विशेषज्ञों का कहना है अगर ऐसा हुआ तो भारत की जी डी पी GDP में 1 से 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी और यह हमारे लिए बहुत ही कारगर सिद्ध होगा।

जी एस टी भारत देश को एक अर्थव्यवस्था और एक टैक्स नीति वाला देश बना देगा। GST Will India To Create An Economy And A Country With A Tax Policy.

वर्तमान समय में भारत के लोग अलग-अलग प्रकार के सामान को खरीदने के लिए 20 प्रकार के टैक्स चुकाते हैं। GST बिल के पारित होने के बाद केवल एक ही तरह का टैक्स चुकाना होगा। जीएसटी के अंतर्गत भारत के लोगों को कुछ वर्षों तक महंगाई के दिन भी देखने पड़ सकते हैं। और इसी के चलते कुछ लोगों को जी एस टी के पास होने के बाद बुरे दिन भी देखने पड़ सकते हैं। पैकेज्ड फूड के ऊपर राज्यों द्वारा अभी तक कोई ड्यूटी टैक्स नहीं लगाया जाता अगर कहीं इसके ऊपर ड्यूटी लगती भी है तो वह मात्र 4 से 6% ही है लेकिन जी एस टी के पास होने के बाद आपको डिब्बा बंद खाने के ऊपर भी 18 प्रतिशत टैक्स ही देना होगा अगर हम ज्वेलरी की बात करें तो हमें केवल 3% ही देना होता है और रेडी गारमेंट्स के ऊपर 3 से 4 प्रतिशत टैक्स देते हैं लेकिन जीएसटी के पारित होने के बाद गहने और कपड़े खरीदने पर भी हमें 18 प्रतिशत ही देना होगा। जी एस टी पास होने के बाद वस्तुओं पर मिलने वाला डिस्काउंट भी महंगा हो जाएगा मौजूदा समय में वस्तु के मूल्य पर टैक्स लगता है परंतु टैक्स लगने के बाद जो कीमत बचती है उसके ऊपर भी टैक्स लगेगा मतलब जी एस टी के पास होने से MRP पर भी टैक्स लगेगा। सभी प्रकार की सेवाएं भी महंगी हो जाएंगी हालिया समय में क्रेडिट कार्ड पर और मोबाइल फोन पर हमें 15% देना पड़ता है और यह बढ़कर जी एस टी के अंतर्गत 18 प्रतिशत हो जाएगा मतलब अभी के मुकाबले इन सेवाओं को प्राप्त करने के लिए हमें तीन प्रतिशत टैक्स अधिक देना होगा।

GST बिल के आने से हमेशा के लिए क्या सस्ता होगा। The GST Bill Would Always Be Cheap

जी एस टी बिल के पास होने के बाद घर और कार खरीदना सस्ता हो जाएगा छोटी कारों पर और एसयूवी कारों पर अभी 30% से लेकर 44% तक देना पड़ता है परंतु जीएसटी आने के बाद हमें मात्र 18 प्रतिशत ही देना होगा और कार 45 हजार रुपए तक सस्ती हो जाएंगी। मौजूदा स्थिति में घर खरीदने के लिए सर्विस टैक्स और वैट दोनों कर चुकाने पड़ते हैं लेकिन जी एस टी बिल पारित होने के बाद हमें केवल एक ही टैक्स देना होगा। रेस्टोरेंट में खाना खाना भी सस्ता हो जाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि अलग-अलग राज्यों में वैट की दर अलग-अलग है और हमें सर्विस टैक्स भी चुकाना पड़ता है। घरेलू उपकरणों पर हमें मौजूदा समय में 12.5% से लेकर 14.5% एक्साइज और वैट चुकाना पड़ता है लेकिन जी एस टी लगने के बाद यह मात्र 18 प्रतिशत हो जाएगा और हम सभी घरेलू उपकरण सस्ते दामों पर खरीद पाएंगे। पूरे भारतवर्ष में ट्रांसपोर्टेशन मतलब माल ढुलाई 20% तक कम हो जाएगी और ऐसा होने से महंगाई घट सकती है उद्योगों को अभी लगभग 18 प्रकार के टैक्स भरने होते हैं लेकिन जीएसटी पारित होने से उद्योगों का पैसा और समय दोनों की बचत होगी।