हिमाचल प्रदेश डिस्टीक हमीरपुर गवर्मेंट हॉस्पिटल की क्या हालत है।

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http://alloverindia.in/bed-condition-of-district-hamirpur-hospital-in-himachal-pradesh/


इये मैं आपको जिला हमीरपुर (Hamirpur) के गवर्मेंट हॉस्पिटल (Government Hospital) के बारे में जानकारी देता हूँ। आप लोगों को भी पता होना चाहिए की आपके जिला हमीरपुर (Hamirpur) के गवर्मेंट हॉस्पिटल (Government Hospital) में चल क्या रहा है। 29.03.2015 की बात है। हम रात को घर से 10:30 बजे के करीब निकले मेरी पत्नी गर्भवती थी और उसे 2 महीने 25 दिन हो चुके थे परन्तु किसी कारण बस उन्हें बिल्डिंग की प्रॉब्लम शुरू हो गई और हमें हमीरपुर के गवर्मेंट हॉस्पिटल (Government Hospital) में जाना पड़ा। जैसे ही हम 12:45 बजे के करीब हॉस्पिटल (Hospital) में पहुंचे तो हॉस्पिटल (Hospital) के ग्राउंड फ्लोर (Ground Floor) पर हमारी पर्ची बनी और नर्स ने BP चेक करके हमें दवाई दे दी और गर्भवती स्त्री (Pregnant Woman) के दस्तावेज बना दिए जिसके अन्तर्गत गर्भवती स्त्री (Pregnant Woman) के सारे टैस्ट फ्री में होते हैं। इसके बाद हमें 402 रूम में भेज दिया गया और एडमिट (Admit) होने को कहा गया। इसके बाद जब मैं 4th फ्लोर पर पहुंचा तो सबसे पहले नर्स स्टाफ़ रूम (Nurse Staff Room) में बात की वहाँ पर एक नर्स बैठी थी मैं उसके बात करने के तरीके से दंग रह गया। मैंने उस नर्स को सारे दस्तावेज दिखाये तो कहती है जाओ और 402 रूम में अगर कोई बेड खाली है तो मरीज़ को वहाँ पर लेटा दो” जैसे ये हॉस्पिटल (Hospital) कोई इन्सानों का नहीं जानवरों का हो। मैं 402 रूम नंबर ढूढ़ने लगा और वहाँ पर मुझे एक बेड खाली मिल ही गया जिस पर मैंने अपनी पत्नी को लेटा दिया। बाकी के टैस्ट सुबह ही होने थे।

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अगले दिन 30.03.2015 सुबह 10 बजे के करीब जब मैं अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) करवाने के लिए नंबर लगवाने के लिए लाइन में लगा तो मुझे 4th फ्लोर के दो चकर लगाने पड़े तब जाकर अल्ट्रा साउंड का नंबर लगा सभी का अल्ट्रासाउंड नई बिल्डिंग (Ultrasound In New Building) के 502 नंबर रूम में होता है। इसके अन्दर 2 केविन बने हुए हैं। और दोनों केविन में अल्ट्रा साउंड की दो मशीने (Two Machine Ultra-Sound) लगी हुई हैं। वहाँ पर 11:30 बजे के करीब 50 से 60 औरतें खड़ी थी जिनमें से 99% गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women)  थी और 5 से 7 के बीच मर्द भी खड़े थे। HP गवर्मेंट के पास करोड़ों रुपए हॉस्पीटल की बिल्डिंग (Building of Hospital) बनाने के लिए तो है परन्तु मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियाँ नहीं। एक गर्भवती महीला कितनी देर तक खड़ी रहेगी। अच्छा अब हम बात करते हैं अल्ट्रा साउंड के स्टाफ की केविन के बाहर अल्ट्रा साउंड (Ultrasound) की पर्चियों को इकठा करने और रजिस्टर (Register) पर दर्ज करने के लिए एक स्टाफ मैम्बर (Staff Member) बैठा होता है जो कि इस प्रोसेस (Process) के दायरे में आता है। परन्तु जो केविन के अन्दर अल्ट्रा साउंड करने के लिए  डॉक्टर बैठा है उसका कोई भी असिस्टेंट (Assistant) नहीं है तो डॉक्टर खुद ही आवाज दे देता है। परन्तु जो स्टाफ का मैम्बर (Staff Member) बाहर अल्ट्रा साउंड की पर्चियाँ इकठा कर रहा था उसकी जान पहचान के लोग पहले अल्ट्रा साउंड (Ultrasound) करवा लेते थे। मुझे भी अल्ट्रा साउंड करवाने के लिए 1 घंटे का समय दिया था परन्तु अल्ट्रा साउंड हुआ 2 घंटे के बाद। मतलब अगर आपकी जान पहचान हॉस्पिटल (Hospital) के डॉक्टर या किसी अन्य अधिकारी से है  तो आपका काम जल्द से जल्द हो सकता है अन्यथा आप  हजमाइयाँ लेते रहो और घंटो तक अल्ट्रा साउंड (Ultrasound) करवाने के लिए हमीरपुर (Hamirpur) के सरकारी हॉस्पिटल (Government Hospital) में खड़े रहो। जबकि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की स्वस्थ्य विभाग की रण-नीतियों के अनुसार गर्भवती स्त्री (Pregnant Women) का अल्ट्रा साउंड (Ultrasound) कुछ ही मिंटो में करवाने के निदेष है। और अगर किसी गर्भवती महिला (Pregnant Women) को एमर्जेन्सी हो तो तुरन्त उसका अल्ट्रा साउंड करवाके और डॉक्टर को चेक करवाके उसे दवाई दी जाती है।

2:30 ढाई बजे के करीब मैंने सारी रिपोर्ट्स (Reports) इकठी कर ली और मैं 4th फ्लोर के स्टाफ नर्स के रूम में गया वहाँ बैठी नर्स से पुछा की मैंने सभी रिपोर्ट्स इकठी कर ली है तो आप चेक कर ले नर्स ने कहा आप ये रिपोर्ट्स (Reports) मरीज के बेड के पास ही रखेँ डॉक्टर थोड़ी देर में लन्च करके सभी मरीजों को वहीं पर चेक करेंगे मैंने कहा ठीक है। मैं डॉक्टर का इन्तजार करता रहा परन्तु कोई डॉक्टर नहीं आया वहाँ पर बैठे लोगों से पता चला की आप ये रिपोर्ट्स 404 रूम नंबर में डॉक्टर को चेक करवायें और ये 404 रूम नंबर बिल्कुल 402 रूम के सामने था 404 रूम नंबर के सामने मैंने सुबह से ही काफ़ी भीड़ देखि जब मैंने यहाँ पर एक व्यक्ति से बात की तो उसने बताया की ये डॉक्टर साहब 12:00 बजे के करीब तो आया और 2 बजे लन्च के लिए चला गया तो मैं इसके बाद फिर से स्टाफ नर्स के पास गया अब यहाँ पर एक अलग नर्स थी और मैंने उसे कहा की ये मेरी वाइफ की अल्ट्रा साउंड (Ultrasound) और अन्य रिपोर्ट्स हैं तो डॉक्टर जी 404 रूम में तो है ही नहीं तो नर्स ने कहा के भाई जी ये तो डॉक्टर ही चेक करेंगे लन्च के बाद “अब ये डॉक्टर ही जाने के वो कब तक लन्च करके आते है।”  ये 3:15 बजे के करीब की बात है। मतलब डॉक्टर जी बड़ा लम्बा लन्च करते है कुछ लोग तो बहुत परेशान थे। और वहाँ से बिना किसी डिस्चार्ज (Discharge) के ही घर को जा रहे थे 3:45 तक मैंने भी डॉक्टर का वेट किया परन्तु कोई डॉक्टर नहीं आया। और मुझे भी वहाँ से आना पड़ा।

मैं हमीरपुर हॉस्पिटल (Hamirpur) में 12 से 14 घन्टे तक रहा और वहाँ के हालातों को देखा तो क्या बातें हैं जो मेरे दिमाग़ में आईं।

  1. हमीरपुर हॉस्पिटल है तो बहुत बड़ा परन्तु मरीजों के कोई खास सुभिधाएँ नहीं।
  2. हॉस्पिटल का स्टाफ अपनी मर्जी का बर्ताव करते हैं मरीजों के साथ।
  3. नर्सो का काम होता है की वो मरीजों को टाइम टू टाइम देख भाल करें पर वहाँ तो नर्सो ढूंढ ढूंढ कर बुलाना पड़ता है।
  4. डॉक्टर्स अपनी मर्जी से आते जाते है ना कोई आने का समय निर्धारित है ना जाने का समय।
  5. स्टाफ की कमी और डॉक्टर्स का मरीजों को समय ना दे पाना एक बड़ी समस्या है।

अगर हम इसे राजनैतिक (Political) दायरे का बिन्दु मान कर चले तो कोई गलत बात नहीं होंगी। पर वीरभद्र की कांग्रेश सरकार (Congress Government of Virbhadra) की नीतियाँ लोगों तक सिर्फ पहुँचने में असमर्थ नजर आ रही हैं कांग्रेश सरकार के आते ही डॉक्टर्स अपनी मनमानी पे आ जाते हैं और वीरभद्र सरकार ये साबित कर रही है की हमीरपुर हॉस्पिटल प्रेम कुमार धूमल (Prem Kumar Dhumal) के जिला में है। सरकार ने खुद ही एक ऐसा माहौल बना दिया है “कि ये तेरा घर और ये मेरा घर” और इस तेरे मेरे घर के चकर में लोगो को समस्याओं के अलावा कुछ नहीं मिलता। जनता को वो सरकार चाहिए जो सबके साथ एक समान व्यवहार करे सबको एक समान अधिकार दे ऐसी सरकार नहीं जो जाति के नाम पर हरिजनों के लिए 10 नौकरियां निकाले और ब्राह्मण जाति में 2 नौकरियां निकाले जब भगबान ने सभी लोगों को एक समान बनाया है तो सरकार सभी लोगो को एक समान अधिकारों में बांधे। फिर चाहे वो हॉस्पिटल (Hospital) की बात हो या फिर सुख़ सुबिधाओं की बात हो।