विटामिन सी का खज़ाना

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आलू में विटामिन सी काफी मात्रा में पाए जाते हैं, उबाल कर हर रोज 250 ग्राम आलू खाने वालों के शरीर से विटामिन सी की कमी दूर हो जाती है, वैसे यदि इसे भून कर खाया जाए तो अधिक गुणकारी है। रक्तपित (SCURVY)

यह रोग केवल विटामिन ‘सी’ की कमी के कारण होता है, इस रोग के लक्षण यह हैं कि आरम्भक स्टेज पर रोगी के मन और शरीर की शक्ति क्षीण हो जाती है। उसका शरीर दुबला सा चेहरे का रंग पीला नजर आता है थोड़ा से काम करने पर ही उसकी साँस फूलने लगती है शरीर पर मोटे मोटे दाने निकलते हैं, मसूड़े सूज जाते हैं, उनमें से खून आने लगता है। धीरे – धीरे जैसे यह रोग बढ़ता है तो रोगी की मांस पेशियाँ विशेष प्रमारक पेशियों से रक्त स्त्राव होकर उनमें वेदना युक्त तथा स्पर्शक्षम ग्रंथियां भी बन जाती हैं, हृदय – मांस में भी स्त्राव होकर हृदय दर्द का रोग बन जाता है नासिका आदि में भी खुला स्त्राव हो सकता है CARIES  और पुथस्त्राव भी बह सकता है, यह सब कुछ विटामिन सी की कमी के कारण ही होता है, इसका सबसे सरल और सस्ता उपचार यही है कि आप हर रोज कच्चे आलू खाना आरम्भ कर दें।

नीला पड़ना कभी – कभी शरीर पर चोट लगने से नील से पड़ जाते हैं नील वाली जगह पर कच्चा आलू पीस कर लगा दें इससे यह नील दूर हो जाएंगे।  जल जाना (BURNS OF SCARD) जले हुए किसी भी भाग पर कच्चा आलू पीस  लगा देने से जलन दूर हो जाती है शरीर पर छाले भी नहीं पड़ते। यदि कोई प्राणी तेज धूप और लू के कारण झुलस गया हो तो उसके शरीर पर आलू का रस निकाल कर अच्छी तरह इसे रुई  दें। अमलता जिन प्राणियों में लंबी बीमारी के कारण पाचनांगो में अमलता (खट्टापन) आ गया हो इसके कारण उन्हें खट्टेपन  अच्छा उपहार यही है – आलू को गर्म राख या रेत में भून लें और उस रोगी  छील कर खिला दें, यह आलू गेहूँ की रोटी से भी आधे समय में हजम हो जाता है, इस में गेहूँ की रोटी कहीं अधिक पौष्टिक पदार्थ पाए जाते हैं। यही कारण है आलू शारीरिक कमजोरी को दूर करता है। भुने हुए आलू में पोटाशियम साल्ट होता है जो अम्लपित को रोकता है और हजम करने की शक्ति को बढ़ाता है।

घुटनों के रोग घुटनों में किसी प्रकार का दर्द हो या सूजन आ गई हो तो कच्चे आलू को पीस कर उस पर; लेप करते रहें कुछ ही दिनों में आपका यह दर्द दूर हो जाएगा। पथरी पथरी रोग के नाम  लोग डरते हैं, क्योंकि इससे गुर्दों में भी दर्द होने लगता है, ऐसे रोगी को आलू भून कर सुबह शाम दोपहर खिलाते रहने से यह रोग चालीस दिन में ठीक हो जाता है। चर्म रोग जिस रोगी के शरीर पर लाल फुंसियां निकल आयी हैं। इनके कारण बुखार भी हो गया हो ऐसे रोग का इलाज करने के लिए आलू को पीस कर फुंसियों वाली जगह पर अच्छी तरह से लगा दें।

प्याज (तासीर गर्म और खुश्क) वैध हकीम लोग इसे गरीबी की कस्तूरी  से पुकारते हैं। नींद आने वाले रोगियों के लिए बहुत से लोगों को नींद न आने का भयंकर रोग लग जाता है, जिससे उनका स्वास्थ्य भी ख़राब रहता है ऐसे रोगियों के लिए चार चम्मच प्याज का रस निकाल कर सोते समय पिला देने  नींद आती है।

कोई प्याज का रस न निकाल सके तो प्याज को राख में भून कर उसे छील कर नमक मिर्च लगा कर सोते समय खा लेने से खूब नींद आती है। आँख रोग प्याज के निरंतर प्रयोग से, आँखों की रोशनी तेज हो जाती है। प्याज के रस के एक दो बूँद हर रोज़ सोते समय आँखों में डालने  नजर तेज होती है। आँखों में आए जाले, धुंध वगैरा कुछ दिनों के प्रयोग से साफ को जाते हैं।

कुत्ते या गीदड़ के काटने पर जिन लोगों को कुत्ता या गीदड़ काट लें उन्हें उसी समय प्याज के रस में शहद मिला कर कटे हुए स्थान पर लगा देने से उनका जहर समाप्त हो जाता है। मिरगी के रोगियों के लिए

यह रोग सबसे बुरा माना जाता है क्योंकि इस रोग का न तो कोई समय है और न ही कोई पता चलता है, राह चलते आदमी  चक्कर खाकर गिर जाना कितनी बुरी बात है, परन्तु रोग तो रोग है। ऐसे रोगी का उपचार प्याज द्धारा सफल हो सकता है ऐसे रोगियों को तीन प्याजों का रस निकाल कर उसमें थोड़ा सा पानी मिला कर सुबह के समय मिरगी रोगी को पिला दें तो चालीस दिन के अंदर ही उसे आराम आना शुरू हो जाएगा, परन्तु यह दवा बंद न करें। लू लगना लू लग जाने से बहुत से लोगों की मृत्यु थोड़े से समय में हो जाती है, क्योंकि इसका उपचार समय पर नहीं हो पाता, ऐसे रोगियों का उपचार जल्दी करने के लिए प्याज बहुत लाभदायक सिद्ध हुआ है। गर्मी के दिनों में दिन में कम से कम 50 ग्राम प्याज हर रोज एक प्राणी को खाने चाहिए, इससे लू का आक्रमण नहीं हो सकता,  जिस प्राणी को लू लग जाए, उसे प्याज का रस नीबू के रस में मिलाकर देने से लू का असर ख़त्म हो जाता है। कान दर्द के लिए कान में दर्द हो, पीक बहती हो, तो प्याज के रस को थोड़ा सा गर्म करके, दो दो बूँद कान में डालते रहें, सुबह शाम दो समय। पेट रोगों के लिए जिन लोगों को भूख कम लगती हो, पेट भारी रहता हो, खाना हजम न होता हो, ऐसे लोगों को एक बड़ा प्याज नीबूं का रस डाल कर हर रोज खाने के साथ जरूर खाना चाहिए इससे पेट के अन्य रोग भी ठीक हो जाते हैं।